कमजोर याददाश्त के लिए 5 फायदेमंद आसान

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20th April, 2016

Yog Aasan ke jariye yadast ko kaise Badhayen? | योग आसन के जरिए याददाश्त को कैसे बढ़ाएं? | How to Improve Memory Power by Yoga?योग में हमारी हर बिमारी की रोकथाम और इलाज दोनों मौजूद है। लेकिन हम उनका फायदा नहीं उठा पाते। ऐसा इसलिए क्योंकि हमें योग और उसकी वास्तविक शक्ति की जानकारी नही होती। हम आज के दौर में योग को महज वजन घटाने और मन को शांत करने के उपाय के तौर पर देखतें हैं। लेकिन असल योग प्रकृति की उस से भी ज्यादा शक्तिशाली देन है।

हम यहाँ पर कुछ ऐसे आसनों का जिक्र कर रहें हैं, जो वैसे तो बहुत सी बिमारियों के लिए रामबाण उपाय है, लेकिन याददाश्त बढ़ाने में इनका बहुत महत्वपूर्ण योगदान है।

आसन
शीर्षासन, सबसे फायदेमंद आसनों में से एक माना जाता है। याददाश्त बढ़ाने, में यह आसन सबसे कारगर है। इस आसन में सिर को फर्श पर टिका कर, दोनों पैर ऊपर की तरफ उठाएं जाते हैं। ऐसा करने से रक्त का प्रवाह पैरों से सिर की तरफ होने लगता है। जिससे मस्तिष्क को रक्त के साथ-साथ ऑक्सीजन भी मिलती है और वह बेहतर तरीके से कार्य करना शुरू कर देता है। जिससे याददाश्त में निश्चित तौर पर बढ़ोत्तरी होती है।

प्राणायाम
प्राणायाम, हमें प्रकृति की बहुत नायाब देन है। स्वास्थ्य के लिए इसके फायदे अनगिनत हैं। यह व्यायाम मन और मस्तिष्क के लिए अमूल्य है। प्राणायाम, साँसों को साधने का व्यायाम है। जिसमें धीरे-धीरे सांसों को भीतर लेकर छोड़ा जाता है। यह व्यायाम न सिर्फ तनाव को कम करता है, बल्कि मन को शांत कर हमारी याददाश्त को भी बढ़ाता है।

सर्वांगासन
सर्वांगासन, में भी सिर फर्श पर रहता है और पैर ऊपर रहते हैं। शीर्षासन में सिर्फ हाथों और सिर के बल पूरे शरीर को ऊपर थामा जाता है, इस आसन में सिर और कन्धों के बल कमर से पैरों तक के हिस्से को ऊपर उठाया जाता है।
इस आसन में भी मस्तिष्क को भरपूर रक्त और ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है और इससे उसकी कार्य क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है।

पादहस्तासन
पादहस्तासन भी याददाश्त तेज करने के लिए एक बेहतरीन व्यायाम है। इसमें फर्श पर सीधे खड़े होकर, लम्बी साँस अंदर भरके ,सामने की तरफ झुके और दोनों हाथों से अपने पैरों के अंगूठों को छुएं। कुछ देर तक ऐसे ही रहें और फिर सीधे खड़े हो जाएं। यह आसन भी मस्तिष्क तक ताज़ी ऑक्सीजन और रक्त पहुंचाने के लिए बेहतर व्यायाम है। जिसका अभ्यास रोज करने से कुछ ही दिनों में आप अपनी याददाश्त में खुद-ब-खुद फर्क देखेंगे।

हलासन
हलासन भी सर्वांगासन से मिलता-जुलता होता है। जहाँ, सर्वांगासन में दोनों पैर सीधे हवा में रहते हैं, वहीं हलासन में, दोनों पैरों को सिर के पीछे फर्श पर टिकाया जाता है। यह आसन भी याददाश्त बढ़ाने वाले आसनों में एक अच्छा आसान है।



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