कैसे किया जाता है बोन ट्यूमर का उपचार?

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26th May, 2016

Bone tumor ke liye upchar ke vikalp kya hain? | बोन ट्यूमर के लिए उपचार के विकल्प क्या हैं? | What are the treatment options available for Bone Tumor?बोन ट्यूमर, हड्डियों के लिए काफी खतरनाक होता है, क्योंकि इससे हड्डियों के टिश्यू को काफी नुकसान पहुंचता है। हालाँकि, सभी बोन ट्यूमर घातक नहीं होते, लेकिन बोन ट्यूमर के ख़तरे को देखते हुए इसका उपचार जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। क्योंकि, यही ट्यूमर आगे चल कर कैंसर का रूप ले लेता है।  बोन ट्यूमर कैंसर को अधिक आक्रामक और तेजी से उपचार की आवश्यकता होती है।

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बिनाइन  ट्यूमर- बिनाइन ट्यूमर का इलाज दवाई से किया जा सकता है। लेकिन यदि वह बढ़ कर फैलने लगे तो इसे डॉक्टर सर्जरी के जरिये हटा देते हैं। क्योंकि अगर इसे न हटाया जाए तो यह कैंसर में बदल सकता है। ऐसा ट्यूमर जो फैले नहीं और न ही इससे दूसरे उत्तकों को कोई नुक्सान पहुंचे तो इससे व्यक्ति को जीवन का खतरा बहुत कम होता है।

मेलिगनेन्ट ट्यूमर- मेलिगनेन्ट ट्यूमर के उपचार के लिए कई कैंसर विशेषज्ञों की आवश्यकता पड़ती है। हालाँकि, इसका उपचार कैंसर के चरण पर निर्भर करता है, और साथ ही कैंसर शरीर के किन-किन हिस्सों तक फैला है यह भी बहुत मायने रखता है। कैंसर की कोशिकाएं हड्डी के ट्यूमर तक ही सीमित होती है। बोन कैंसर शरीर के अन्य क्षेत्रों में फैलने लगता है, जो मेटास्टेटिक चरण के अंतर्गत आता है। ऐसे में, यह अधिक गंभीर माना जाता है, साथ ही इसका उपचार मुश्किल होता है। ज्यादातर मामलों में हड्डी के कैंसर को सर्जरी के माध्यम से हटाया जाता है।

हड्डियों के कैंसर का इलाज निम्न विधियों द्वारा किया जाता है-

लिंब सालवेज सर्जरी (Limb salvage surgery)- इस सर्जरी के जरिए कैंसर के साथ हड्डी के हिस्से को हटा दिया जाता है। लेकिन, आस-पास की मांसपेशियों और अन्य ऊतकों को नहीं हटाया जाता। लिंब सालवेज सर्जरी के दौरान, अगर संभव हो तो क्षतिग्रस्त हड्डियों को निकालकर उसकी जगह आर्टीफिशियल हड्डी को लगाया जाता है। यह बोन कैंसर का बहुत ही आम इलाज है ।

एम्पुटेशन (Amputation)- यदि कोई ट्यूमर बड़ी होती है, तो ऐसे में नसों और रक्त वाहिकाओं की जरूरत हो सकती है। कृत्रिम अंग के प्रत्यारोपण के बाद विच्छेदन के कार्य में सहायता मिल सकती है।

रेडिएशन थेरेपी- रेडिएशन थेरेपी के जरिए कैंसर की कोशिकाओं को मारा जाता है, और एक्स- रे के उच्च खुराक के साथ ट्यूमर को सिकुड़ाया जाता है। इस विधि का प्रयोग प्रभावित अंग में ऑपरेशन से पहले या सर्जरी के दौरान रक्त की आपूर्ति को कम करने के लिए किया जाता है।

कीमोथैरेपी चिकित्सा – कीमोथेरेपी में कैंसर निवारक दवाओं के जरिए ट्यूमर को खत्म किया जाता है। दवाएं कैंसर सेल्स को बढ़ने व फैलने से रोकती है, लेकिन यह स्वस्थ कोशिकाओं को भी प्रभावित करती है लेकिन समय के साथ यह कोशिकाएं ठीक हो जाती हैं। आमतौर, पर सर्जरी के पहले कीमोथेरेपी चिकित्सा की जाती है, लेकिन कई बार सर्जरी के बाद भी ट्यूमर को पूरी तरह से खत्म करने के लिए कीमोथेरेपी दी जाती है।

हालाँकि, डॉक्टर अपने मरीजों को चिकित्सीय परीक्षण की सलाह देते हैं, खासकर नए उपचार परीक्षण में भाग लेने की। क्योंकि, शुरुआती तौर पर किया गया बोन ट्यूमर का उपचार अधिक कारगर होता है। ऐसे में इसके लक्षण का पता चलते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि इसके खतरों से बचा जा सके।



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