बच्चे के अचानक से बेहोश होने पर क्या करें?

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18th June, 2017

Bachchon me achank se behoshi ka prathmik upchar | बच्चों में अचानक से बेहोशी का प्राथमिक उपचार | Primary treatment for sudden fainting in kids हम यहाँ छोटे बच्चों में अचानक से होने वाली बेहोशी यानी ‘सडन फ़ैंटिंग’ के बारे में बात कर रहे हैं। ख़ास तौर पर, यदि यह बेहोशी बच्चे की अचानक से सांस रुकने यानी ब्रीथ होल्डिंग स्पेल के कारण हो तो। हम अपने पहले लेख “” में जिक्र कर चुके हैं कि ब्रीथ होल्डिंग स्पेल एक ऐसी समस्या है, जिसमें बच्चे की अचानक से साँस रुक जाती है और वह बेहोश हो जाता है। यदि किसी का बच्चा अचानक से बेहोशी की समस्या से गुजर रहा हो तो उनके लिए इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है कि वह किसी भी वक्त बच्चे को अकेला न छोड़े। Image Source

इस बात का ध्यान रखे कि आपके बच्चे को कभी भी बेहोशी हो जाती है और ऐसे में उसे, ऊँचाई या गिरने वाली जगह न जाने दें। बच्चे को अपने से दूर न करें। यदि बच्चे को बेहोशी हो जाए तो घबराए नहीं।

बच्चे के बेहोश हो जाने पर निम्न बातों का ध्यान रखें-

  • उसे आराम से बिस्तर पर लिटाएं,
  • बच्चे के कपड़े यदि टाइट हों तो उन्हें ढीला कर दें या बनियान या शर्ट उतार दें। उसे ताज़ी हवा मिलने दें।
  • बच्चे के माथे पर गीली पट्टी रखें। या हलके से उसके चेहरे पर पानी की छींटे लगा दें।
  • हलके से उसकी पीठ मलें।

जिन बच्चों को अचानक से बेहोशी की समस्या होती है, उनके माता-पिताओं को दो बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी होता है- एक तो बच्चे में खून की कमी बिलकुल न होने दें और दूसरा ध्यान रखे कि बच्चा उचित नींद ले।

ऐसे बच्चों के खाने-पीने का भी ख़ास ख़याल रखा जाना जरूरी है। क्योंकि बच्चे में पोषक तत्वों की कमी, ख़ास तौर पर आयरन की कमी समस्या को और बिगाड़ सकती है। बच्चों को भरपूर मात्रा में तरल देते रहें। बच्चे से कोई काम कराने के लिए उसे डराने की कोशिश न करें। बच्चे को अंदरूनी तौर पर मजबूत बनने दें। उन्हें शारीरिक गतिविधि करने से रोके नहीं बल्कि उनके आस-पास रहें।



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