ब्रीथ होल्डिंग स्पेल- छोटे बच्चों में अचानक से बेहोशी

भाषा चयन करे

18th June, 2017

Bachche achank se behosh kyun ho jate hain? | बच्चे अचानक से बेहोश क्यों हो जाते हैं? | Why do children suddenly become unconscious?छोटे बच्चों, खास तौर पर, तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चों की देखभाल बेहद मुश्किल कार्य होता है। इन बच्चों को कोई भी समस्या हो जाने पर माता-पिता यहाँ तक कि घर के सभी सदस्य बैचेन हो उठते हैं। ऐसे में यदि समस्या ऐसी हो, जिसके बारे में घरवालों ने पहले कभी सुना न हो या जिस समस्या की जानकारी न हो, के होने पर परेशानी होना और भी सहज है। हम यहाँ ऐसी ही एक समस्या की बात कर रहें हैं, जिसे ब्रीथ होल्डिंग स्पेल के नाम से जाना जाता है।

Image Source

ब्रीथ होल्डिंग स्पेल, एक ऐसी समस्या है, जिसमें छोटे बच्चों की साँसे अचानक से रुक जाती है और बच्चे बेहोश हो जाते हैं। ऐसे में, किसी भी माता-पिता का घबरा जाना संभावित है। लेकिन हम यहाँ एक बात बताना चाहेंगे कि यदि यह समस्या ब्रीथ होल्डिंग स्पेल है तो यह समस्या थोड़ी ड़रावनी जरूर होती है, लेकि घातक नहीं होती और बच्चे के 6 से 8 वर्ष का होने के बाद खुद ही ठीक हो जाती है।

क्या होता है जब बच्चे को अचानक से आता है ब्रीथ होल्डिंग स्पेल अटैक?

यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब-

  • बच्चा अचानक से डर जाता है,
  • घबरा जाता है,
  • गिर जाता है, उसे चोट लग जाती है,
  • कोई जोर से डाँट देता है,
  • बच्चा अचानक से जोर-जोर से रोना शुरू कर देता है
  • बच्चे को अचानक से झटका लग जाता है।

इन में से किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर बच्चे की साँस अचानक से रुक जाती है। उसका रंग नीला या पीला या सफ़ेद पड़ जाता है। बच्चे की तंत्रिका प्रणाली धीमी पड़ जाती है और इसकी वजह से बच्चे की धड़कन भी धीमी पड़ जाती है। थोड़ी देर बाद जब बच्चा होश में आता है उसकी साँसे सामान्य हो जाती हैं, तो उसका रंग भी खुद-ब-खुद सामान्य हो जाता है। इस समस्या का कोई उपचार नहीं होता और जैसा कि हमने ऊपर भी कहा है कि बच्चे के 6 से 8 वर्ष का होने तक यह स्थिति खुद-ब-खुद सामान्य हो जाती है।

इस समस्या में माता-पिता इतना ही कर सकते हैं कि वह बच्चे का ध्यान रखें। उसे अकेला न छोड़ें।



अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे !





अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे !