चोट और घावों को भरने में फायदेमंद प्राकर्तिक औषधियां

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19th July, 2016

Ghaavon ko prakartik tarike se kaise bharen? | घावों को प्राकर्तिक तरीके से कैसे भरें? | How to cure wound naturally?

चोट लगना बेहद आम समस्या है और यह परेशानी आए दिन हर किसी को होती ही रहती है। भले ही चोट या घाव बहुत छोटा ही क्यों न हो लेकिन जब तक यह भर नहीं जाता बहुत तकलीफदेह होता है। भले ही मेडिकल स्टोर पर इसके लिए बहुत सी दवाइयां उपलब्ध हों, लेकिन हममे से बहुत से लोग आज भी उन दवाइयों से ज्यादा घरेलू नुस्खों पर ही भरोसा करते हैं। इसमें कोई बुराई भी नहीं है, भले ही घरेलू औषधियां बेहद धीरे-धीरे काम करती हों, लेकिन यह बेहद प्राकर्तिक तरीके से काम करती हैं और इनके दुष्प्रभाव भी नहीं होते।

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हम यहाँ ऐसी ही प्राकर्तिक औषधियों के बारे में बात कर रहें हैं, जो शरीर पर लगी चोटों और घावों को ठीक करने और उनसे राहत देने में फायदेमंद हैं।

हल्दी- हल्दी में बहुत से एन्टीबैक्ट्रियल और एंटी फंगल गुण होते हैं। हल्दी को जले-कटे और घावों पर बहुत पुराने समय से प्रयोग किया जाता रहा है।

शहद- शहद चोट को ठंडक पहुंचाने, राहत देने और घाव को जल्दी भरने, में फायदेमंद है। यहाँ तक कि कुछ अध्ययनों में तो यह भी पाया गया है कि शहद एंटीबायोटिक्स की अपेक्षा घाव को और भी ज्यादा जल्दी भरते हें। दरअसल शहद, बैक्टीरिया को मार कर घाव को संक्रमण से बचाता है।

एलोवेरा– जले और कटे के घावों में एलोवीरा बहुत अच्छा चुनाव है। एलो वेरा छोटी चोट जो ज्यादा घातक न हो को ठीक कर सकता है। यह जले हुए घावों पर ज्यादा अच्छे से असर करता है।

आलू- भले ही सुनने में थोड़ा अटपटा लगे कि आलू घाव भरने में कारगर होता है, लेकिन यह सच है। घाव कैसा भी हो आलू उसे कीटाणुरहित करने और भरने में फायदेमंद है। जिस जगह घाव हो वहां कच्चा आलू पीस कर लगा कर बांध लें। आलू के सूखने के बाद इसे बदलते रहें जहाँ, आपका घाव कीटाणु रहित हो जाएगा वहीं उस स्थान से सूजन भी कम हो जाएगी। आलू को पीसने के बजाय उसके टुकड़े को काट कर भी चोट की जगह पर रखा जा सकता है।

हल्दी और तुलसी का लेप- हल्दी और तुलसी का लेप चोट के लिए बहुत फायदेमंद है। हल्दी और तुलसी को एक साथ पीस लीजिए और इसे घाव पर लगाइए। रात को इसे लगाना न भूलें इसे बहुत जल्दी आपका घाव ठीक हो जाएगा।

टी ट्री आयल- घाव को ठीक करने और इसे भरने में टी ट्री आयल भी बहुत अच्छा साधन है। यह घाव से संक्रमण को तो दूर करता ही है साथ ही घाव में राहत भी देता है। इसे घाव की जगह पर दिन में तीन से चार बार लगाना चाहिए।

नारियल का तेल- नारियल के तेल के लिए तो हम अक्सर अपने बड़ों से सुनते भी हैं। घाव के साथ-साथ त्वचा के जल जाने में भी यह बहुत फायदेमंद है। यह सिर्फ घाव को ठीक ही नहीं करता बल्कि घाव के निशान बनने से भी रोकता है।
एरंड का तेल- त्वचा पर कहीं भी संक्रमण होने, या घाव होने में अरंड का तेल लाजवाब है। ख़ास तौर पर त्वचा के संक्रमण में यह एक आजमाई हुई औषधि है। घाव की जगह इसे लगाने पर यह चोट को कीटाणु रहित कर राहत देता है और घाव पर बहुत तेज़ी से काम करता है।

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