हेपेटाइटिस C के लिए शरीर में एंटीबॉडीज की जाँच महत्वपूर्ण

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11th January, 2016

Hepatitis C Jaanch kya hai? | हेपेटाइटिस C जांच क्या है? | What is Hepatitis C Test?अक्सर हेपेटाइटिस C से पीड़ित लोगों में लक्षण नहीं दिखते और यदि दिखते भी हैं, तो संक्रमण होने के लगभग 15 या फिर उससे ज्यादा समय के बाद। बहुत से लोगों में, तो जब वह किसी और समस्या के कारण अपने रक्त की जाँच कराते हैं, तब उन्हें यह पता चलता है कि वे हेपेटाइटिस C के शिकार हो गए हैं। इसलिए यदि आपमें हेपेटाइटिस C के लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टर से जाकर अपना  चेकअप जरूर करा लें।

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हेपेटाइटिस C की जाँच करने के लिए, रक्त में उपस्थित एंटीबॉडी की जाँच की जाती है। जब हमारे शरीर में बाहर से कोई तत्व जैसे:- बैक्टीरिया और वायरस (एंटीजन), प्रवेश करते हैं, तो हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, उस तत्व के खिलाफ एंटीबॉडी बनाती है। ये एंटीबाडी उन पर आक्रमण कर उसे ख़त्म कर देते हैं।

जब हेपेटाइटिस C का वायरस (HCV), हमारे शरीर में प्रवेश करता है, तो इसके खिलाफ भी शरीर में एंटीबॉडी बनती है। संक्रमण होने के, दो से तीन महीनों के बाद, रक्त की जाँच करने पर, इन एंटीबाडी की पहचान की जा सकती है। यदि किसी व्यक्ति के रक्त में HCV के एंटीबॉडी पाये जाते हैं तो इसका मतलब है कि उस व्यक्ति को हेपेटाइटिस C का संक्रमण, पहले कभी न कभी जरूर हुआ है। हेपेटाइटिस C के संक्रमण के शुरुआत के 6 महीनों तक की अवस्था को एक्यूट हेपेटाइटिस कहते हैं। लेकिन यदि छः महिनों तक इसका इलाज नहीं हो, तो यह क्रॉनिक हेपेटाइटिस का रूप ले लेती है। अक्सर, हेपेटाइटिस C से पीड़ित 80% लोगों में, क्रॉनिक हेपेटाइटिस ही पाया जाता है। इसलिए जाँच के द्वारा, यह पता करना भी बहुत जरूरी है कि हेपेटाइटिस C किस अवस्था में है।  

जब आप डॉक्टर से चैकअप कराने जाते हैं तो वह सबसे पहले आपकी मेडिकल हिस्ट्री पुछते हैं, फिर वह आपकी शारीरिक जाँच करते हैं। वह आपके लिवर में उपस्थित एंजाइम, एलनाइन अमीनोट्रांसफरेज (ALT), एल्कलाइन फॉस्फाटेज, एस्पर्टेट एमिनोट्रांसफ़रेस (AST), बिलीरुबिन इत्यादि की भी जाँच करते हैं। यदि यह असामान्य हो और आपमें हेपेटाइटिस C के लक्षण दिख रहे हैं तो वह आपकी जाँच करेगें।  

हेपेटाइटिस C की जाँच

  • डॉक्टर आपके रक्त में, हेपेटाइटिस C वायरस के एंटीबॉडी की जाँच करते हैं। यदि आपको इस वायरस का संक्रमण हुआ है तो आपके शरीर में इसके खिलाफ एंटीबाडी जरूर होगी। इसके लिए एक रैपिड टेस्ट भी किया जाता है, जिसका परिणाम 20 मिनट के अंदर आ जाता है।
  • इसके अलावा डॉक्टर आपके रक्त में इस वायरस के जेनेटिक मेटेरियल (RNA) की मात्रा की भी जाँच करते हैं। और यह देखते है कि आपको वायरस का इन्फेक्शन हुआ है या नहीं।
  • डॉक्टर यह चेक करते हैं कि आपको किस प्रकार के वायरस का संक्रमण हुआ है (genotype)। इसी के आधार पर वह आपके लिए सबसे अच्छा उपचार का विकल्प चुनते हैं।



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