पैरों को फंगस से बचाने के लिए जरूरी देखभाल

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27th June, 2016

Foot Fungus ka ilaj kaise karen? | फूट फंगस का इलाज कैसे करें? | How to cure foot fungus? एथलीट फुट पैरो में होने वाला एक फंगल संक्रमण है। इस संक्रमण को फुट फंगस और फुट रिंगवर्म भी कहा जाता है। वैसे इस विकार का नाम एथलीट (खिलाड़ी) पर रखा गया है, ऐसा इसलिए क्योंकि यह सबसे ज्यादा उन्हीं को होता हैं, लेकिन खिलाड़ियों के अलावा भी, फंगल संक्रमण किसी को भी हो सकता है। जब पैर गर्म और नमी लिए होते हैं, तब उनमें फंगस से संक्रमित होने का जोखिम बढ़ जाता है। अगर पैर लंबे समय तक इस स्थिति में रहें तो यह संक्रमण बढ़कर एक बड़े हिस्से में संक्रमण फैला सकता है। एथलीट फुट संक्रमण त्वचा की ऊपरी परत और पैरो की उँगलियों के बीच के हिस्से को प्रभावित करता है। इस फंगल संक्रमण में त्वचा पपड़ीदार और सफ़ेद हो जाती है, जिसमें खुजली और तरल बहाव होता रहता है।

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एथलीट फुट के जोखिम और संक्रमण से बचाव के लिए निम्न तरीके अपनाएं जा सकते हैं-

  • पैरो को पूरी तरह ढकने वाले जूते पहनने और अधिक पसीना आने के कारण एथलीट फुट महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों को ज्यादा प्रभावित करता है। एथलीट फुट एक पीड़ित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फ़ैल सकता है। इस संक्रमण को करने वाले फंगस को ट्राइकोपायथोन कहा जाता है। आम तौर पर, यह फंगस फर्श और नमी युक्त जगहों पर पनपता है। केवल नंगे पैर होने से यह फंगस शरीर को नहीं लगता। इसको बढ़ने के लिए नमी की ज़रुरत होती है।
  • अगर व्यक्ति ज़्यादा समय तक मोज़े और जूते पहनता है, तो उसे एथलीट फुट होने की संभावना बढ़ जाती है। पैरों को सूखा रखना, रोज़ मोज़े बदलना और जूते उतारने के बाद पैरों की सफाई करने से फुट फंगस होने के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है। अगर व्यक्ति को अधिक पसीना आने की समस्या है तो वह ऐसे ख़ास जूते लेने चाहिए जिनमे कुछ हवा का प्रवाह हो सके और डेटोल, सेवलोन जैसे मेडिकेटिड सोल्युशन में सूती मोज़े धोने चाहिए।

जूतों को धूप में रखकर उनमे फंगस और कीटाणुनाशक स्प्रे (जैसे लाइजोल, फिनायल आदि) करने से उनमे मौजूद फंगस ख़त्म हो जाता है। एथलीट फुट को शुरुआती चरण में नज़रअंदाज़ करने से यह उँगलियों के बीच में स्थाई रूप से हो सकता है।



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