स्वाइन फ्लू के लक्षण

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3rd October, 2015

vहालाँकि स्वाइन फ्लू के लक्षण आम फ़्लू के जैसे ही होतें हैं, और इन्हें पहचानना बेहद मुश्किल होता है। स्वाइन फ्लू से संक्रमण शुरू होने के बाद, एक ही दिन में यह शरीर को प्रभावित करना शुरू कर देता है और 7 दिनों के अंदर-अंदर अपनी जड़ें व्यक्ति के शरीर में जमा लेता है।
वहीं बच्चों में इसका संक्रमण होने में 10 दिनों तक का भी समय लग सकता है। वहीं यदि इसका संक्रमण जल्दी से हो जाता, तो यह इतना घातक नहीं होता, लेकिन धीरे-धीरे पनपने वाला संक्रमण बेहद घातक होता है। स्वाइन फ्लू के अधिकांश लक्षण सीज़नल फ्लू की ही तरह के होते हैं, लेकिन फिर भी स्वाइन फ्लू सामान्य सर्दी के मुकाबले ज्यादा आक्रामक होता है।

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जैसे कि:

  • खांसी
  • बुखार
  • गले में खरास
  • भरी हुई या बहती नाक
  • बदन दर्द
  • सिर दर्द
  • ठंड लगना
  • थकान
  • सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना
  • छाती या पेट में दर्द या दबाव
  • अचानक चक्कर आना
  • भ्रम
  • तेज़ या लगातार उल्टी होना

वहीं सीज़नल फ्लू की तरह, स्वाइन फ्लू से भी शरीर में कई प्रकार की समस्याएं जैसे न्युमोनिया और साँसों में तकलीफ शुरू हो जाती है। इसके अलावा अस्थमा और डायबिटीज भी हो सकतें हैं। वहीं यदि पहले से ही किसी को, अस्थमा या डायबटीज़ जैसी बिमारियाँ हों, तो उनके लिए स्थिति और भी घातक हो सकती है।

यदि किसी को सांस लेने में तकलीफ़, मिचली, चक्कर आना, पेट दर्द या भ्रम की स्थिति दिखाई दे तो, बिना समय गवाएं तुरंत इमरजेंसी सहायता लें।

इन्फ्लूएंजा के प्रकार

इन्फ्लूएंजा तीन प्रकार का होता है।

  • इन्फ्लूएंजा ए
  • इन्फ्लूएंजा बी
  • इन्फ्लूएंजा सी

इन्फ्लूएंजा ए
इनमें से टाइप A और B प्रकार के इन्फ्लूएंजा C के मुकाबले ज्यादा घातक होता है। यह इन्फ्लुएंजा, जानवरों को संक्रमित करता है। वहीं यह जानवरों से मनुष्यों में भी चला जाता है। जंगली पक्षियों में भी यह इन्फ्लुएंजा पाया जाता है। इस प्रकार का फ़्लू बड़ी महामारी के रूप में देखा जाता है। यह उन लोगों से एक दूसरे में फैलता है जो पहले से ही इसके शिकार हैं। इसके फैलने का कारण, उन जगहों को छुआ जाना है, जहाँ पर संक्रमित लोगों ने छुआ है। यह छींकने से ख़ास तौर पर फैलता है।

इन्फ्लूएंजा बी
टाइप A से अलग, टाइप 2 प्रकार का यह वायरस जानवरों की बजाय मनुष्यों में पाया जाता है। इसके लक्षण A की तरह ज्यादा घातक नहीं होते। लेकिन कभी-कभी यह भी बहुत घातक हो जाता है। वहीं टाइप B वायरस के सबटाइप (उपप्रकार) नहीं होते। साथ ही यह एक महामारी नहीं है।

इन्फ्लूएंजा सी
इन्फ्लुएंजा C वायरस भी मनुष्यों में ही पाया जाता है। हालाँकि यह B और A के जितना घातक नहीं होता। इस प्रकार के वायरस से लोग ज्यादा घातक रूप से बीमार नहीं होते। यह कोई महामारी भी नहीं है।



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