मधुमेह की दवाइयाँ

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14th April, 2016

Madhumeha ki Liye Davayoo ki Suchi | मधुमेह के लिए दवाओं की सूची | List of Drugs for Diabetesयदि आपको टाइप 1 प्रकार की डायबिटीज़ है, तो आपका अग्नाशय ज्यादा समय तक इन्सुलिन नहीं बना पाता और इसके लिए आपको अलग से इन्सुलिन लेने की जरूरत होती है ताकि आपका शरीर पर्याप्त मात्रा में शुगर से ऊर्जा बना सके। इसके लिए आपको इंजेक्शन के माध्यम से इन्सुलिन दिया जाएगा। इसमें नियमित तौर पर पम्प की सहायता भी ली जाती है। हालाँकि शुरुआत में खुद इंजेक्शन के माध्यम से इन्सुलिन लेना या बच्चों को देना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन मधुमेह को नियंत्रित करने का यही तरीका है। साथ ही धीरे-धीरे आपको इसकी आदत भी पड़ जाती है।

कुछ लोग इन्सुलिन लेने के लिए कंप्यूटराइज्ड पम्प का भी प्रयोग करते हैं, जिसे इन्सुलिन पम्प कहा जाता है। यह एक निर्धारित समय पर इन्सुलिन लेने की प्रक्रिया को फिक्स कर देता है। इसे आप अपने डॉक्टर के साथ मिलकर निर्धािरत कर सकते हैं। जो एक तय समय सीमा पर आपको निश्चित मात्रा में दिन भर में इन्सुलिन देता रहता है। इसके अलावा इन्सुलिन की मात्रा भी आपकी रक्त शर्करा के आधार पर ही निर्धारित कर दी जाती है। यह डोज़ आपको खाने से पहले दे दी जाती है।

इन्सुलिन चार प्रकारों में बंटी हुई है:

  • रैपिड एक्टिंग (इसमें केवल कुछ ही मिनटों में इन्सुलिन लिया जाता है और इसका असर 2 से 4 घंटे तक रहता है।)
  • रेगुलर या शार्ट एक्टिंग (इसे 30 मिनट तक लिया जाता है और यह 3-6 घंटे तक रहता है)
  • इंटरमीडिएट एक्टिंग (2 से 4 घंटे तक लेने से इसका असर 18 घंटे तक रहता है)
  • लॉन्ग एक्टिंग (6 से 10 घंटे तक लेने से इसका असर 24 घंटे तक रहता है।)

इसके अलावा रेपिड-एक्टिंग इनहेल्ड़ इंसुलिन (Afrezza) को भी भोजन से पहले लेने की FDA ने स्वीकृति दे दी है। इन्सुलिन का यह प्रकार लॉन्ग-एक्टिंग इन्सुलिन के साथ टाइप 1 डायबिटीज के रोगी ले सकते हैं। लेकिन इसका प्रयोग उन लोगों को नहीं करना चाहिए जो धूम्रपान करते हैं और जिन्हें पुरानी (क्रोनिक) फेंफड़ों की बीमारी है। वहीं जो लोग अलग-अलग प्रकार के इन्सुलिन को लेना चाहते हैं उनके लिए पहले से ही मिक्स इन्सुिलन भी मौजूद है।

इनमें से हर एक योजना व्यक्ति के अपने स्वास्थ्य, खान-पान और व्यायाम पर भी निर्भर करता है और इसे हर एक व्यक्ति के अनुसार बदला भी जा सकता है।

यदि आप अपने ब्लड शुगर लेवल पर लगातार नजर रखते हैं, तो आपको उसके अनुसार अपनी जरूरतों का भी पता रहेगा। जिससे आप अपने डॉक्टर के साथ मिलकर अपने इन्सुलिन स्तर पर और बेहतर तरीके से कार्य कर सकते हैं। मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति दिन में कई बार ग्लूकोमीटर की सहायता से अपने ब्लड शुगर लेवल को चेक कर सकते हैं। ग्लूकोमीटर आपके ग्लूकोज के स्तर को एक ट्रिटिड पेपर द्वारा स्ट्रिप पर लिए गए रक्त के सैम्पल से मापता है। इसके अलावा एक और डिवाइस जिसे कन्टीन्यूस ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम (CGMS) कहा जाता है, इसका प्रयोग भी ब्लड शुगर को मापने के लिए किया जाता है। लेकिन यह उपकरण आपके ग्लूकोज स्तर को रक्त के बजाय त्वचा से मापता है और यह ग्लूकोमीटर से ज्यादा सटीक नहीं होता।

जिन लोगों को दूसरे प्रकार का मधुमेह होता है, उनमें यह लगातार व्यायाम और खान-पान से भी नियंत्रित हो जाता है। लेकिन इसे पूरी तरह से नियंत्रित करने के लिए इन्सुलिन और दवाइयों की भी जरूरत होती है। टाइप 2 डायबिटीज़ में दवाएं आपके ब्लड शुगर लेवल को नीचे लाने के लिए कई तरह से कार्य करती हैं।

दवाइयाँ और उनके कार्य:

  • दवाइयाँ जैसे, chlorpropamide (Diabinese), glimepiride, (Amaryl), glipizide (Glucotrol), glyburide (Diabeta, Micronase), nateglinide (Starlix), and repaglinide (Prandin) हमारे अग्नाशय की कार्यशीलता को बढाकर इन्सुलिन का निर्माण बढ़ाने में मदद करती हैं।
  • acarbose (Precose) और miglitol (Glyset) ये दवाइयाँ आंतो द्वारा शुगर के अवशोषण को कम करती हैं।
  • ये दवाइयाँ जैसे pioglitazone (Actos) और rosiglitazone (Avandia) यह दवाइयाँ शरीर के द्वारा इन्सुलिन के प्रयोग किये जाने की प्रक्रिया को तेज करती हैं।
  • ये दवाइयाँ लिवर में शुगर के स्तर पर रोक लगाती हैं और इंसुलिन के प्रति शरीर को क्रियाशील बनाती है। दवाइयाँ जैसे metformin (Glucophage)।
  • lbiglutide (Tanzeum), alogliptin (Nesina), dulaglutide (Trulicity), linagliptin (Tradjenta), exenatide (Byetta, Bydureon), liraglutide (Victoza), saxagliptin (Onglyza), और sitagliptin (Januvia) ये दवायें अग्न्याशय और रक्त  में इन्सुलिन की मात्रा में बढ़ोत्तरी करती हैं। साथ ही लिवर में शुगर के स्तर को कम करती है।
  • यह दवाएं किडनियों के द्वारा ग्लूकोज के दोबारा से अवशोषण पर रोक लगा देती हैं, और रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ने से रोकती हैं। इन्हें sodium-glucose co-transporter 2 (SGLT2) inhibitors कहा जाता है। ये दवाइयाँ हैं canaglifozin (Invokana), dapagliflozin (Farxiga), और empagliflozin (Jardiance).
  • Pramlinitide (Symlin) एक इंजेक्शन सिंथेटिक हार्मोन होता है। यह खाने के बाद रक्त में शर्करा के बढ़ने पर नियंत्रण लगता है।
    इनके अलावा कुछ दवाइयाँ ऐसी भी हैं जो टाईप 1 प्रकार के मधुमेह के अलावा भी अन्य मधुमेह में प्रयोग की जा सकती हैं। इन दवाइयों में हालिया स्वीकृत empagliflozin/linagliptin (Glyxambi) दवाई भी शामिल है। यह SGLT2 इन्हिबटर्स को आपस में जोड़ती है, जो किडनियों में ग्लूकोज की दोबारा खपत को रोकने का कार्य करती हैं। वहीं DPP-4 इन्हिबिटर्स एक ऐसे हार्मोन का निर्माण करती है जो अग्नाशय को ज्यादा से ज्यादा इन्सुलिन बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।



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