​पूर्व-मधुमेह और इसके प्रकार

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23rd March, 2016

Untitled design (1)पूर्व मधुमेह की स्थिति से गुजर रहे लोगों में मधुमेह, हृदय घात और आघात जैसी बिमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। पूर्व मधुमेह, सामान्य और ‘मधुमेह’ के बीच की स्थिति को कहा जाता है। हालाँकि, अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि शारीरिक गतिविधियों के बढ़ाने और वजन घटा लेने से मधुमेह, हृदयघात और आघात जैसी बिमारियों की गति को धीमा किया जा सकता है, यहाँ तक कि रोका  भी जा सकता है। शारीरिक सक्रियता और वजन घटने से मानव शरीर इंसुलिन के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है। पूर्व मधुमेह दो प्रकार का होता है।

1  IFG (इंपेयर्ड फास्टिंग ग्लूकोज)

कोई  व्यक्ति यदि उसमें फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज का स्तर100 से 125 mg / dL तक हो तो वह इंपेयर्ड फास्टिंग ग्लूकोज से पीड़ित होता है। यह स्तर जो सामान्य से अधिक तो होता है, लेकिन इसका पता मधुमेह परीक्षण द्वारा नहीं लगाया जा सकता।

2. IGT (इंपेयर्ड ग्लूकोज टोलरेंस)

इंपेयर्ड ग्लूकोज टोलरेंस यानी ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट के दौरान ब्लड ग्लूकोज का स्तर ज्यादा पाया जाना, लेकिन इसे भी मधुमेह परीक्षण द्वारा नहीं जांचा जा सकता। IGT का पता तभी लगाया जा सकता है, यदि किसी व्यक्ति ने परीक्षण से दो घंटे पहले 75 ग्राम ग्लूकोज युक्त पेय पदार्थ लिया हो और ग्लूकोज स्तर 140-199 mg / dL हो।



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