डायबिटीज: स्वयं इन्सुलिन का इंजेक्शन लेना

भाषा चयन करे

5th September, 2015

Kaise le apne aap se Insulin Injection? | कैसे लें अपने आप से इंसुलिन इंजेक्शन ? | How to Give Yourself an Insulin Injection?जिन लोगों को डायबिटीज होती है, उन्हें बाहर से इंजेक्शन के माध्यम से इन्सुलिन दिया जाता है। इसके लिए उन्हें सबक्यूटेनियस टिश्यू में इन्सुलिन दिया जाता है। यह टिश्यू यानी की उत्तक, हमारी त्वचा और मांशपेशियों के बीच में होता है इसे “sub Q” टिश्यू’ भी कहा जाता है। इस प्रकार के ऊतक पूरे शरीर में पाये जाते है।

इन्सुलिन लेते समय कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। नीचे जो निर्देश इन्सुलिन इंजैक्शन के लिए ही दिए गए हैं, यह उन मरीजों के लिए नहीं हैं, जो इन्सुलिन पेन और बिना इंजैक्शन के इन्सुलिन ले रहें हैं।

इंसुलिन से जुड़ी चीजों को इकट्ठा कर लें

अपनी सभी ज़रूरी चीजों को इकट्ठा कर के रख लें। सबसे पहले उस जगह को साफ़ करें और सुखा लें।

  • इन्सुलिन की शीशी।
  • स्टराइल इंसुलिन सिरिंज।
  • दो एलकोहल वाइप्स (या कॉटन बोल और एलकोहल बोतल)
  • प्रयोग किये जा चुके उपकरणों को रखने के लिए एक कंटेनर। इसके लिए आप एक हार्ड प्लास्टिक या धातु कंटेनर जिसके ऊपर पेंच वाले या कसकर बंद होने वाले ढक्कन हो, इसका प्रयोग कर सकते है।

सबसे पहले अपने हाथों को साबुन की सहायता से अच्छे से धोएं और एक साफ़ तौलिया से सुख लें।

इंसुलिन और सिरिंज की तैयारी

  • सबसे पहले इन्सुलिन की शीशी को खोलें।
  • इन्सुलिन की शीशी को अपने हाथों के बीच में रख कर दो या तीन बार घुमायें ताकि इन्सुलिन अच्छी तरह से मिक्स हो जाएँ। शीशी को ज्यादा हिलाएं नहीं, क्योंकि हिलाने से उसमें हवा के बुलबुलें बन जाएंगे और इससे जब आप इन्सुलिन को इंजेक्शन में लेगें तो इसकी मात्रा गलत भी हो सकती है।
  • इन्सुलिन की शीशी के ऊपर, रबर का बना ढ़क्कन लगा होता है जिसे आप एल्कोहल में डूबे रुई से साफ़ कर लें।
  • इन्सुलिन की शीशी को सपाट सतह पर ही रखें।
  • सीरिंज के ऊपर से कैप निकाल लें।

यदि आपको, दो प्रकार के इन्सुलिन को एक साथ मिक्स कर के लेने के लिए कहा गया है तो, नीचे दिए गए निर्देशों पर ध्यान ना दें।

  • सीरिंज में आवश्यकता के अनुसार हवा भरने के लिए उसमें लगे प्लगर को पीछे की तरफ खींचें। इसमें आपको उतनी ही हवा भरनी है, जितना की इन्सुलिन आप लेंगे। इसके लिए हमेशा प्लगर के उपर से माप करें।
  • इसके बाद, सीरिंज को इन्सुलिन की शीशी पर लगी रबर के ढक्कन के द्वारा, अंदर डालें। प्लगर को आगे की तरफ धकेल कर हवा को शीशी में भर दें। इस से इन्सुलिन बेहद आसानी से सिरेन्ज में भरा जा सकेगा।
  • अब शीशी को ऊपर और सीरिंज को नीचे कर लें।
  • अब प्लगर को पीछे की तरफ खींचें, और जितना इन्सुलिन लेना है उसे प्लगर के उपर से मापना शुरू करें। .
  • सीरिंज में हवा के बुलबुलें देख लें। हालाँकि यह एयर बबल सिरेन्ज के साथ शरीर में जाकर आपको नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, लेकिन इनसे इन्सुलिन की मात्रा जरूर कम हो जाएगी। इन एयर बबल को हटाने के लिए, एक हलकी सी थपकी सिरेन्ज को दें। इस से बबल ऊपर आ जाएंगे। इसके बाद प्लगर को थोड़ा सा आगे की और दबा दीजिये। इस से सारे एयर बबल हठ जाएंगे। इसके बाद एक बार फिर से इन्सुलिन की मात्रा को चेक करें और यदि यह जरूरी निशान से नीचे हो तो इसमें थोड़ा और इन्सुलिन भर लें।
  • इन्सुलिन की शीशी से सीरिंज को निकाल ले।

कैसे करें मिक्स्ड इन्सुलिन की माप?

कभी-कभी आपका डॉक्टर आपको दो प्रकार के इन्सुलिन को मिक्स कर के लेने की सलाह देता है, इसके द्वारा आप अपने ब्लड शुगर के लेवल को ज्यादा अच्छे से नियंत्रित कर सकते है।

मिक्स्ड इन्सुलिन लेते समय आपको नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।

  • ऊपर दिए गए निर्देशों को, इन्सुलिन की दोनों शीशियों के लिए प्रयोग करें।
  • पहले प्लगर को पीछे की तरफ खींच कर उसमें हवा भर लें। उसमें उतनी ही हवा भरें जितना कि इन्सुलिन आपको लेना है। इसके लिए हमेशा प्प्लगर के उपर से माप करें।
  • इंसुलिन को लंबे समय तक प्रयोग करने के लिए, उसमेँ कुछ पदार्थोँ को डाला जाता है जिससे वह थोड़े धुंधले नज़र आने लगते है, इस कारण इसे क्लाउडी इन्सुलिन कहते है। इसके बाद, सीरिंज को इन्सुलिन की शीशी पर लगी रबर के ढक्कन के द्वारा, अंदर डालें। प्लगर को आगे की तरफ दबा कर शीशी में थोड़ी हवा भरें, इससे इंसुलिन और अधिक आसानी से निकाला जा सकता है। इस समय आप बोतल से इंसुलिन ना निकाले। सुई को बोतल से बाहर निकाल ले।
  • इसके बाद, फिर प्लगर को पीछे की तरफ खींच कर उसमें हवा भर लें। उसमें उतनी ही हवा भरें जितना कि इन्सुलिन आपको लेना है। सीरिंज को इन्सुलिन की शीशी पर लगी रबर के ढक्कन के द्वारा, अंदर डालें। प्लगर को पीछे की तरफ खींच कर उसमें इन्सुलिन भर लें। इसके लिए हमेशा प्लगर के उपर से माप करें।
  • इसके बाद एक शीशी से सीरिंज निकाल कर यही प्रक्रिया दूसरे प्रकार के इन्सुलिन के लिए भी अपनाएं। पहले सीरिंज में उतनी हवा भरें जितना कि इन्सुलिन लेना है और फिर दूसरी शीशी में सीरिंज डालकर इन्सुलिन निकाल लें।

महत्वपूर्ण जानकारी: यह एक सटीक माप होनी चाहिए। यदि आप बहुत ज्यादा मात्रा में क्लाउडी इन्सुलिन निकाल लेतें हैं, तो सीरिंज में से पूरी मात्रा में इन्सुलिन डोज़ फेक देना चाहिए। बहुत सावधानी से यह पूरी प्रक्रिया करें। क्लियर इंसुलिन को ऊपर की तरफ पुश ना करेँ। अगर आपको इस मिश्रण में बढे हवा के बुलबुले दिख रहे है तो इस डोज़ को फेक दें और इस पूरी प्रक्रिया को फिर से शुरू करें। वापस से बोतल में इंसुलिन को ना डालें ।

  • सुई के ऊपर ढक्कन लगा दें।
  • अब आप इन्सुलिन इंजेक्ट करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करें।

इंसुलिन इंजेक्शन साइट को बदलते रहें-

डायबिटीज के रोगी को रोजाना इंसुलिन के इंजेक्शन लेने की आवश्यकता होती है। इसलिए डायबिटीज के रोगी के लिए यह बात भी महत्वपूर्ण है कि उसे पता हो की इंजेक्शन कहाँ लेना है और कैसे इंजेक्शन साइट को बदलें। एक ही जगह पर बार बार इंजेक्शन लेने से वह जगह कठोर हो जाती है। इसलिए यह जरुरी है कि आप इंजेक्शन देने की जगह को बार बार बदलें।। अलग -अलग जगह इंजेक्शन लेने से, यह आपके लिए आसान, सुरक्षित, और अधिक आरामदायक होगा।

महत्वपूर्ण बात: यदि आप स्वयं इंजेक्शन लेते हैं तो यह जरुरी है कि शरीर के सामने वाले भाग में ही इंजेक्शन लें। यदि कोई और आपको इंजेक्शन दे रहा है तो इंजेक्शन के लिए वह कोई और साइट का भी इस्तेमाल कर सकता है।

इन दिशा-निर्देशों का पालन करें-

  • आप अपने डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य विशेषज्ञ से भी सलाह ले सकते हैं और यह पूछ सकते हैं कि आपको किस जगह इंजेक्शन लेना चाहिए।
  • आप अपने इंजेक्शन साइट को बार- बार बदलें। पिछले इंजेक्शन साइट से कम से कम 1 1/2 इंच दूर इंजेक्शन लें।
  • आप प्रत्येक दिन, एक ही समय में एक ही जगह पर इंजेक्शन का उपयोग कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप दोपहर में खाना खाने से पहले अपने पेट पर इंजेक्शन लेते हैं तो रोजाना उसी जगह इंजेक्शन ले सकते हैं। आपको यह भी जानना बहुत जरुरी है कि हाथ, जांघ और नितंब के तुलना में, पेट पर इंसुलिन इंजेक्शन लेने से वह शरीर में जल्दी अवशोषित हो जाता है।
  • आप जिस इंजेक्शन साइटों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका एक रिकॉर्ड रखें।

इंजेक्शन साइट का चयन करें और साफ करें

सबसे पहले आप इंजेक्शन लेने की जगह का चुनाव करें।

जोड़ों के पास, ऊसन्धि, नाभि, पेट के बीच, और घावों के पास इंजेक्शन ना लें।

इंजेक्शन लेने की जगह को ( त्वचा के ऊपर कम से कम 2 इंच तक) कॉटन बॉल और एल्कोहल में डूबे रूई के द्वारा गोलाई में घूमते हुए साफ करें।

कैसे इंसुलिन इंजेक्ट करें?

इंजेक्शन लेने के लिए, अपने दाएँ हाथ का प्रयोग करें। सिरिंज की नली को हाथ में लें और इस तरह से पकड़ेँ कि सूई नीचे की तरफ रहे जैसे आप पेन को पकड़ते हैँ। सावधानी बरतें कि आपका हाथ प्लगर पर ना पड़े।

  • सबसे पहले सुई के ढक्कन को निकालें
  • अपने दूसरे हाथ से, इंजेक्शन वाली साइट जिसे आपने साफ किया है, दोनों ओर त्वचा के दो से तीन इंच तक चिकोटी काटें।
  • इसके बाद, 90 डिग्री के कोण पर इंजेक्शन साइट में सुई डालें (सीधे ऊपर से नीचे)। सुई को आपकी त्वचा के अंदर जाना चाहिए।
  • अब आप धीरे धीरे प्लंजर को दबाएँ और तब तक दबाएँ जब तक कि सिरिंज में से पूरा इंसुलिन आपकी त्वचा के अंदर ना चला जाए।
  • अब जल्दी से सूई को बाहर निकाल लें। इंजेक्शन वाले साइट को रगड़े नहीं । इंजेक्शन लेने के बाद उस जगह से ब्लड आ भी सकता है और नहीं भी। अगर इंजेक्शन साइट से ब्लड निकलने लगे तो एल्कोहल वाइप के द्वारा हल्का सा दबाब डालें । अगर जरुरत हो तो बैंडेज के माध्यम से इंजेक्शन साइट को कवर कर लें।

इस्तेमाल के बाद सिरिंज और सुई को कैसे फेकें?

सीरिंज का कैप ना लगाएँ। इसके बाद आप पूरी सीरिंज और नीडल को कंटेनर में फेंक दें। जब यह कंटेनर पूरा भर जाए तो इसके ऊपर ढक्कन या उसे कवर करके कचरे के साथ इसे दूर फेंक दें।

इस कंटेनर को रीसाइक्लिंग बिन में ना फेकें। कुछ समुदायों ने इनसे निपटने के लिए विशिष्ट कानून बनाये हैं। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप अपने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें।



अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे !





अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे !