इंसुलिन से मधुमेह का उपचार

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18th September, 2015

डायबिटीज के इलाज में प्रयोग होने वाले इन्सुलिन के प्रकार | Diabetes ke laaj mein Prayog Hone Wale Insulin ke Prakaar. | Types of Insulin for Diabetes Treatmentजब आपके डॉक्टर, आपसे यह कहते है कि आपको इलाज के लिए, इन्सुलिन लेने की जरुरत है, तब आप इन्सुलिन के बारे में जरूर जानना चाहेंगे कि यह क्या है और इसका प्रयोग कैसे किया जाता है?

इंसुलिन एक प्रकार का हार्मोन होता है, जो रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है। मधुमेह के इलाज के लिए, कई प्रकार के इंसुलिन का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें शामिल है:

  • रेपिड-एक्टिंग:- यह कुछ मिनटों के भीतर ही काम शुरू कर देता है और कुछ घंटों तक ही काम करता है।
  • रेगुलर या शार्ट-एक्टिंग:- इसे पूरी तरह से काम शुरू करने में 30 मिनट लगते है और यह 3 से 6 घंटे तक काम करता है।
  • इंटरमीडिएट-एक्टिंग:- इसे पूरी तरह से काम करने में 2 से 4 घंटे लगते हैं और इसका प्रभाव 18 घंटे तक रहता है।
  • लॉन्ग-एक्टिंग:- यह पूरे दिन काम कर सकता है।आपके डॉक्टर आपको एक से ज्यादा प्रकार के इंसुलिन लेने की सलाह दे सकते हैं। आपको रोजाना एक बार से ज्यादा इन्सुलिन लेने की जरुरत हो सकती है, जिनको आप को पुरे दिन के अनुसार बाँटना पड़ेगा । इसके अलावा आपको और दवाओं की भी आवश्यकता पड़ सकती है। आपके डॉक्टर, आप की जरूरत के अनुसार आपका उपचार ज्यादा अच्छे से करेगें और यह बता सकेगें कि आपके लिए क्या ज्यादा फ़ायदेमंद है।

इसे आप कैसे ले सकते हैं?

अपने आप से इन्सुलिन लेने के बहुत से तरीके हैं। आप इसे, सुई और सिरिंज का उपयोग करके इंसुलिन इंजेक्शन के माध्यम से, कार्ट्रिज प्रणाली, या पहले से भरे पेन सिस्टम, क्विक एक्टिंग इंसुलिन डिवाइस, इन्हेल इंसुलिन (साँस के द्वारा इंसुलिन लेना) ले सकते हैं।

अगर आप इंजेक्शन के माध्यम से इन्सुलिन लेते है तो आप अपने शरीर के किस जगह इंसुलिन की सुई ले रहें हैं, यह भी बहुत महत्त्वपूर्ण है।

अगर आप अपने पेट में इंजेक्शन ले रहे हैं तो यह सबसे अच्छा तरीका होगा और इससे इंसुलिन आपके शरीर, में सबसे जल्दी अवशोषित हो जायेगा। इंसुलिन इंजेक्शन लेने के लिए अगला सबसे अच्छी जगह, हाथ, जांघ और नितंब हैं।

अपने शरीर के एक ही क्षेत्र में इंसुलिन इंजेक्शन लेने की आदत बनायें, लेकिन सटीक इंजेक्शन लेने का स्थान बदल दें । यह त्वचा के नीचे बने घाव के निशान को कम करने में मदद करता है।

इसके दुष्प्रभाव क्या है?

इसके प्रमुख दुष्प्रभाव में शामिल हैं:

  • निम्न रक्त शर्करा।
  • जब आप पहली बार इन्सुलिन का प्रयोग शुरू कर रहे हैं तो वजन बढ़ना।
  • यदि आप ने कई बार इंसुलिन का इंजेक्शन लिया है, उस स्थान पर गांठ या निशान बनना।
  • इंजेक्शन लेने के स्थान पर या पूरे शरीर पर (जोकि दुर्लभ ही पाया जाता है), लाल चकत्ते बनना।
  • इन्हेल इंसुलिन के साथ, जिन लोगों को अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी जैसे: COPD है, उनके फेफड़ों अचानक कस सकते है।

कैसे आप अपने इन्सुलिन को रखें?

अगर आप इंजेक्शन के माध्यम से इन्सुलिन लेते हैं तो हमेशा अपने पास इंसुलिन के प्रत्येक प्रकार की दो बोतल रखें। आप इन्सुलिन को कमरे के तापमान पर (लेकिन 80 F से ज्यादा तापमान नहीं होना चाहिए) 30 दिनों तक रख सकते हैं। इन्सुलिन को, कभी भी, ज्यादा गर्म, ज्यादा ठंड या सीधें धुप में ना रखें।

इन्सुलिन के लिए सबसे अनुकूल तापमान पता करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि जो तापमान आप के लिए सुविधाजनक है, उसी तापमान पर इंसुलिन सुरक्षित रहता है। आप जिस इन्सुलिन का प्रयोग कर रहे हैं, उस शीशी को ज़मायें नहीं। लेकिन आप अतिरिक्त बोतल को रेफ्रिजरेटर में रख सकते हैं। अगर आपकी इन्सुलिन की बोतल ख़त्म हो जाती है, तो एक रात पहले उसे रेफ्रिजरेटर से बाहर निकाल कर रख दें ताकि दूसरे दिन जब आपको आवश्यकता हो तो वह कमरे के तापमान पर आ जाएँ। बहुत ठंडी इन्सुलिन का प्रयोग ना करें।

इन्सुलिन पेन के लिए, पैकेट पर दिए हुए निर्देशों की जाँच करें और उसी के अनुसार रखें।

हमेशा इन्सुलिन प्रयोग करने से पहले उसकी जाँच जरूर करें। रेपिड-एक्टिंग, शार्ट-एक्टिंग, और कुछ लॉन्ग-एक्टिंग इन्सुलिन के बारे में आपको पूरी तरह पता होना चाहिए। इंजेक्शन इंसुलिन के अन्य प्रकार, धुंधला दिखता है लेकिन इसमें गुच्छन नहीं होने चाहिए।

अगर आप अपने साथ इंसुलिन ले जा रहे है, तो उसे हिलायें नहीं। बोतल को हिलाने से उसमे हवा के बुलबुले पैदा हो सकते है और इससे जब आप इंजेक्शन के माध्यम से इन्सुलिन लेते है तो इसकी मात्रा प्रभावित होती है।

अगर आप इन्हेल इंसुलिन (साँस के द्वारा इंसुलिन लेना) का प्रयोग करते है, तो इसे पैकेट पर दिए हुए निर्देशों के अनुसार रखें। बंद पैकेट को आप तब तक रेफ्रिजरेटर में रखें, जब तक आप इनका प्रयोग नहीं कर रहें है। अगर आप इन्हे रेफ्रिजरेटर में नहीं रखते है, तो 10 दिनों के अंदर इनका प्रयोग कर लें। जब आप पैकेट को खोल लेते है तो भी इनको रेफ्रिजरेटर में रख सकते है लेकिन प्रयोग करने के 10 मिनट पहले इनको बाहर निकाल लें ताकि यह कमरे के तापमान पर आ जाएँ।

कब आप अपने इन्सुलिन का प्रयोग करें?

आप अपने डॉक्टर द्वारा बताये हुए समय से इन्सुलिन लें। इंसुलिन इंजेक्शन और भोजन के बीच समय अवधि, आपके द्वारा प्रयोग किये जाने वाले इंसुलिन के प्रकार पर निर्भर करता हैं। उदाहरण के लिए- अगर आप रेपिड-एक्टिंग टाइप इन्सुलिन का प्रयोग करते हैं। तो संभव है कि आप इसे खाना खाने के 10 मिनट पहले या खाने के साथ भी ले सकते हैं। ।

अगर आप रेगुलर या इंटरमीडिएट एक्टिंग टाइप इन्सुलिन का प्रयोग करते हैं। तो इसे आपको खाना खाने के डेढ़ घंटा पहले या सोने के समय लेना चाहिए। अगर इसे आप खाना खाने के डेढ़ घंटा पहले लेते हैं। तो आपका खाना उसी समय अवशोषित होगा, जब इन्सुलिन अपना काम करना शुरू करेगा। इससे आपको निम्न रक्त शर्करा प्रतिक्रियाओं से बचने में मदद मिलेगी।



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