टाइप 1 मधुमेह उपचार- अवलोकन

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18th December, 2015

diabetes-777001_640टाइप 1 मधुमेह के इलाज के लिए यह आवश्यक हैं कि ब्लड शुगर के लेवल को तय सीमा के अंदर ही बना कर  रखा जाएँ।

इसका इलाज निम्न प्रकार से किया जाता है:  

  • प्रतिदिन कई बार इन्सुलिन के इंजेक्शन लें या इन्सुलिन पंप का प्रयोग करें।
  • रक्त शर्करा के स्तर की दिन में कई बार जाँच करें।
  • स्वस्थ आहार लें ताकि पूरे दिन में कार्बोहाइड्रेट का प्रयोग हो जाएँ।
  • रोज शारीरिक गतिविधि या व्यायाम करें। व्यायाम से शरीर इन्सुलिन का प्रयोग ज्यादा अच्छे तरीके से करता है। यह हृदय रोग और रक्त वाहिका के रोगों के जोखिम को भी कम करता है।
  • नियमित रूप से चिकित्सीय जाँच करायें। आप नियमित जांच और परीक्षण के द्वारा कई परेशानियों जैसे,  आंख, गुर्दा, हृदय, रक्त वाहिका, और तंत्रिका रोगों पर नजर रख सकते हैं।
  • धूम्रपान ना करना।
  • अगर आपको रक्त शर्करा के कम होने का खतरा है तो शराब न पीना।

अगर आपका खाना खाने का समय, खाने की मात्रा, और व्यायाम हर रोज एक जैसा है तो आपके रक्त शर्करा के स्तर की जाँच आराम से की जा सकती है। इसलिए अगर आपकी रोज की दिनचर्या एक जैसी है तो आपको अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में काफी आसानी होगी।  

मधुमेह कीटोएसिडोसिस (Diabetic Ketoacidosis):

कुछ लोगो को अपने टाइप 1 मधुमेह से पीड़ित होने का तब पता चलता है जब वह अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं। अगर उनके लक्षण बहुत गंभीर हैं तो, उन्हें इलाज के लिए इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती करने की जरूरत भी हो सकती है।    

मधुमेह कीटोएसिडोसिस के उपचार में नसों के माध्यम (इंट्रावेनस या IV), पानी की कमी के इलाज और इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने के लिए तरल पदार्थ दिया जाता है। रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए इन्सुलिन दिया जाता है ताकि शरीर केटोन्स बनाना बंद कर दें।

हनीमून अवधि (Honeymoon period):

इलाज के बाद, जब आपका रक्त शर्करा का स्तर, सामान्य रेंज में आ जाता है, तो आप जिस अवधि में होते हैं  उसे ‘हनीमून अवधि’ कहते है।इस समय अग्न्याशय की, बची हुई इन्सुलिन बनाने वाली कोशिकाएं काम करती हैं और शरीर के लिए पर्याप्त इंसुलिन की सप्लाई भी करती हैं।

इस समय के दौरान उपचार में शामिल है :

  • अपने डॉक्टर के साथ संपर्क में रहें।
  • अक्सर अपने रक्त शर्करा के स्तर का परीक्षण कराते रहें ताकि यह पता चलता रहे कि कही यह बढ़ तो नहीं रहा हैं।
  • बहुत कम मात्रा में या इंसुलिन का प्रयोग ना करें। हालांकि आपको बाहर से इंसुलिन लेने की जरूरत नहीं है, फिर भी आपके डॉक्टर हनीमून अवधि में, बहुत कम मात्रा में इंसुलिन लेने की सलाह देते है ताकि अग्न्याशय को ज्यादा काम ना करना पड़े।



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