डायबिटीज में और क्या-क्या परेशानियां होती हैं?

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10th September, 2015

Kya hai Madhumeh se Sambandhit Jatilatayen? | क्या हैं मधुमेह से संबंधित जटिलतायें? | What are Complications of Diabetes?यदि आपको डायबिटीज है, तो यह बहुत जरूरी है कि आपको अपने रक्त शर्करा का स्तर पता हो। इससे आपको अपने खान-पान और दवाइयों के प्रबंधन में काफी मदद मिलेगी। इसके द्वारा आप डायबिटीज से उत्पन्न जटिलताओं से भी बच सकते हैं । यहाँ हम आपको डायबिटीज से उत्पन्न, कुछ जटिलताओं को संक्षेप में बताएंगे –

हृदय रोग (Heart disease) – डायबिटीज के रोगियों में हृदय रोग की संभावना सामान्य व्यक्ति की तुलना में दो से चार गुना ज्यादा होती है। इनमें हार्ट-अटैक ज्यादा गंभीर और घातक होता है। डायबिटीज के मरीजों में दिल के दौरे या एन्जाइना की वजह से छाती में दर्द या भारीपन सामान्य व्यक्तियों की तुलना में काफी कम होता है या बगैर किसी तकलीफ के हार्ट अटैक (साइलेंट हार्ट अटैक) हो जाता है।हल्का सांस फूलना हार्ट फेल्योर का प्रारम्भिक लक्षण हो सकता है।

ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) – डाइबिटीज ऐसी बीमारी है जिसका असर पूरे शरीर में पड़ता है और इसके कारण कई तरह की दूसरी गंभीर समस्याएं भी होने लगती हैं। डायबिटीज के कारण ब्रेन स्ट्रोक की संभावना भी हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि डायबिटीज से ब्रेन में खून की सप्लाई कम हो जाती है। इसके प्रमुख लक्षण हैं- मुंह टेढ़ा हो जाना और हाथ पैर में कमजोरी। अगर आपको यह लक्षण दिखे तो आपको ब्रेन स्ट्रोक होने की संभावना हो सकती है।

उच्च रक्त चाप (High blood pressure) – यदि किसी व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर है तो उसके रक्त संचार में अवरोध पैदा होने लगता है। यानि कि जब किसी कारण से उसके शरीर में रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं होता है और वह अपने सामान्य गति की बजाए धीमी गति से चलने लगता है। इस कारण रक्त का दबाव, रक्त वाहिनियों पर पड़ता है और इस दबाव को उच्च रक्त चाप कहा जाता है। डाइबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर में बहुत गहरा संबंध है। डायबिटीज के रोगियों में उच्च रक्तचाप का जोखिम हमेशा बना रहता है।

उच्च कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) – शरीर में उच्च कोलेस्ट्रोल का स्तर होने से दिल का दौरा पड़ने का का खतरा चार गुना बढ़ जाता है। रक्तधारा में अधिक कोलेस्ट्रोल होने से धमनियों की परतों पर प्लेक (मोटी सख्त परत) जमा हो जाती है। कोलेस्ट्रोल या प्लेक पैदा होने से धमनियां मोटी, कड़ी और कम लचीली हो जाती है जिसमें कि हृदय के लिए रक्त संचारण धीमा और कभी-कभी रूक जाता है। जब रक्त संचार रुक जाता है तो छाती में दर्द होने लगता है। जिसका परिणाम दिल का दौड़ा पड़ना होता है। उच्च रक्त चाप और उच्च कोलेस्ट्रोल के अतिरिक्त यदि मधुमेह भी हो तो दिल के दौरे का खतरा 16 गुना बढ़ जाता है।

अंधापन (Blindness) – डायबिटीज से पीड़ित लोगों की आँखों की दृष्टि कमजोर होने लगती है खासकर युवाओं में। इसके कारण अंधापन होना बेहद सामान्य कारण बन गया है। यही नहीं, इसमें आँखों से खून आने जैसी समस्या भी बहुत आम हो गयी है।

गुर्दे की बीमारी (Kidney disease) – डायबिटीज के मरीजों को डायबिटीज नेफ्रोपैथी जैसी स्थिति से भी गुज़रना पड़ता है। हालांकि अभी तक इस बात का निश्चित रुप से पता नहीं चल पाया है कि मरीजों में ऐसी समस्याएँ क्यों आती है। डायबिटीज नेफ्रोपैथी में डायबिटीज होने के साथ- साथ गुर्दे की क्षति होने लगती है। हमारे गुर्दे में बहुत से सूक्ष्म रक्त वाहिकाएँ होती है जो रक्त को साफ करने का काम करती है। डायबिटीज के कारण अधिक शुगर की मात्रा रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और धीरे- धीरे गुर्दे काम करना बंद कर देता हैँ।

त्वचा संबंधी समस्याएं (Skin problems) – डायबिटीज के मरीज को यदि कोई छोटी सी चोट लग जाए या जख्म हो जाए तो वह बड़ा घाव बन जाता है। इस रोग से पीड़ित लोगों के चेहरे या पैरों और कभी-कभी पूरे शरीर पर सूजन आ जाता है और नीले चखते पड़ जाते हैं। त्वचा की संवेदनशीलता भी कम हो जाती है और त्वचा संबंधी संक्रमित रोग बार- बार होने लगते हैं।



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