सीटी स्कैन को प्रभावित करने वाले कारक

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24th May, 2017

CT scan ko prabhawit karne wale karak kya hain? | सीटी स्कैन को प्रभावित करने वाले कारक क्या हैं? | what are the factor affecting CT scan?सीटी  स्कैन पूरी तरह से एक सुरक्षित जाँच है, और इस जाँच से पहले रोगी को कोई खास तैयारी भी नहीं करनी पड़ती। लेकिन फिर भी रोगी को डॉक्टर से इस बारे में पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए। क्योकि बहुत से ऐसे कारक होते हैं, जो सीटी  स्कैन के परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं। इनके कारण शरीर के अंदरुनी भागों की तस्वीर साफ़ नहीं आती और सीटी  स्कैन का परिणाम गलत आता है। इन असामान्य नतीजों के कारण, रोग का सही से पता नहीं चल पाता और डॉक्टर को दोबारा से जाँच कराने की जरुरत भी पड़ सकती है। ऐसा, किसी दवाई या किसी अन्य चीज के सेवन से भी हो सकता है।

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कुछ ऐसे कारण, जिनके चलते डॉक्टर को सीटी  स्कैन करने की आवश्यकता पड़ सकती है-

  • कुछ एक्स-रे जाँच के दौरान, बेरियम का प्रयोग किया जाता है। यह जाँच को सीटी  स्कैन के परिणामों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए रोगी को यदि पेट का सीटी  स्कैन करवाना है तो बेरियम सम्बंधित कोई भी जाँच कराने से पहले डॉक्टर को इस बारे में जानकारी जरूर बता दें।  
  • यदि रोगी ने कोई भी धातु की बनी चीजों को पहन रखा है जैसे- गहने या सर्जिकल क्लिप या यदि रोगी की जॉइंट रिप्लेसमेंट हुई है तो भी उसमे उपस्थित धातु, सीटी  स्कैन के परिणामों को प्रभावित कर सकता है। इससे शरीर के उस भाग का साफ चित्र नहीं आएगा और परिणाम गलत हो सकता है।
  • पूरी जाँच के दौरान रोगी को एक टेबल के ऊपर सुलाया जाता है, और प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 30 मिनट का समय लगता है। हो सकता है कि इस दौरान रोगी को पुरे समय लेटे रहने में असहज महसूस हो, जिससे उसका परिणाम वह नहीं आता जो आना चाहिए।
  • यदि कोई महिला गर्भवती है तो उसका सीटी  स्कैन नहीं किया जाता है। इससे निकलने वाली किरणें शिशु के लिए सुरक्षित नहीं होती, इसलिए गर्भवती महिला को अपने डॉक्टर को इस बारे में सूचित कर देना चाहिए।



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