कैसे की जाती है, हीमोफिलिया की जाँच?

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23rd December, 2015

Hemophilia ke liye mahatvapurn janch | हीमोफिलिया के लिए महत्त्वपूर्ण जाँच | Important diagnostic test for hemophiliaहीमोफीलिया, एक आनुवंशिक रोग है, इसलिए यदि आपके परिवार में किसी को हीमोफीलिया नहीं है तो आपको अपने शिशु में इसका परीक्षण कराने की कोई जरुरत नहीं है, और यदि आपके परिवार में किसी को भी हीमोफिलिया हुआ है, तो आपको अपने बच्चें का परिक्षण जरूर कराना चाहिए। इसके परिक्षण के लिए, गर्भनाल से रक्त के नमूने लिए जाते हैं। यहाँ तक कि हीमोफिलिया की जाँच बच्चें के जन्म से पहले भी किया जा सकता है।  

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यदि आपके डॉक्टर को यह लगता है कि आप या फिर आपके बच्चें को ब्लड क्लॉटिंग की समस्या है तो वह आपके रक्त के नमूनें की जाँच करेगें। इस रक्त के नमूनें में क्लॉटिंग फैक्टर की जाँच की जाती है। यदि आपके ब्लड सैंपल में क्लॉटिंग फैक्टर की कमी पायी गयी तो कुछ और जाँच किए जाते हैं, ताकि यह पता चल सकें कि आपको कौन से प्रकार का हीमोफिलिया है और यह कितना गंभीर है।  

हीमोफिलिया की जाँच के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट किया जाता है। इसमें निम्नलिखित टेस्ट शामिल हैं-

पूर्ण रक्त गणना (CBC)

इस परिक्षण में रक्त में उपस्थित, हीमोग्लोबिन की मात्रा, लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या और आकार, विभिन्न प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या और प्लेटलेट्स की जांच की जाती है। हीमोग्लोबिन, लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है और यह ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न भागों तक पहुंचाता है। अक्सर, हीमोफिलिया ग्रस्त लोगों का CBC सामान्य होता है, लेकिन यदि किसी व्यक्ति को काफी लम्बे समय तक, असामान्य रूप से भारी रक्तस्राव हुआ हो तो उसके  हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम होगी।    

एक्टिवेटिड पार्शियल थ्राम्बोप्लास्टिन टाइम टेस्ट (APTT)

इस परिक्षण के द्वारा यह देखा जाता है, कि आपका रक्त कितनी देर में जमता है। यह क्लॉटिंग फैक्टर, VIII (8), IX (9), XI (11), और  XII (12) की जाँच करता है। यदि इनमे से किसी भी फैक्टर का स्तर, सामान्य से कम हुआ, तो इस कारण रक्त देर से जमता है। इस परिक्षण से यह पता चलता है कि हीमोफिलिया A या B वाले लोगों में, रक्त का थक्का बनने में ज्यादा समय लगता है।   

प्रोथ्रॉम्बिन टाइम टेस्ट (PT)

यह परिक्षण भी रक्त का थक्का बनने के समय को मापता है। यह क्लॉटिंग फैक्टर,  I (1), II (2), V (5), VII (7), और X (10) की जाँच करता है। यदि इनमे से किसी भी फैक्टर का स्तर, सामान्य से कम हुआ, तो इस कारण रक्त देर से जमता है। इस परिक्षण से यह पता चलता है, कि हीमोफिलिया A या B.वाले लोगों में, रक्त का थक्का बनने में ज्यादा समय लगता है।   

फाइब्रिनोजन टेस्ट

यह परिक्षण, डॉक्टरों को रोगी के शरीर में रक्त का थक्का बनने की क्षमता की जाँच करने में मदद करता है। इस परिक्षण को अन्य ब्लड क्लॉटिंग टेस्ट के साथ ही या फिर यदि रोगी का PT या APTT का परिणाम असामान्य आए तो इस परिक्षण को किया जाता है। फाइब्रिनोजन, क्लॉटिंग फैक्टर I (1) का एक नाम भी है।     

क्लॉटिंग फैक्टर टेस्ट

क्लॉटिंग फैक्टर टेस्ट को फैक्टर ऐसे (factor assay) भी कहते हैं। यह मुख्य रूप से रक्तस्त्राव सम्बंधित बिमारियों की जाँच करने के लिए किया जाता है। इस रक्त परिक्षण से यह पता चलता है कि आपको किस प्रकार का हीमोफिलिया हुआ है और वह कितना गंभीर है। आपके हीमोफिलिया के उपचार की योजना बनाने के लिए, आपको किस प्रकार का हीमोफिलिया हुआ है और यह कितना गंभीर है, इन दोनों बातों के बारे में जानकारी होना बहुत आवश्यक है।  

 

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