जिगर की जाँच के लिए महत्वपूर्ण है एएसटी टेस्ट

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21st August, 2015

Untitled designएस्पार्टेट एमिनोट्रांसफरेज़ (Aspartate Aminotransferase) (AST) परीक्षण से रक्त में उपस्थित इस एंजाइम की मात्रा को पता लगाते हैं। AST सामान्य रूप से लाल रक्त कोशिकाओं ( Red Blood Cells), जिगर (Liver), हृदय (Heart), मांसपेशियों के टिश्यू (Muscle Tissue), अग्न्याशय (Pancreas), और गुर्दे (Kidneys) में पाया जाता है। AST को पहले, सीरम ग्लुटामिक ओक्सैलोएसिटिक ट्रांसअमाइनेज (एसजीओटी) (Serum Glutamic Oxaloacetic Transaminase (SGOT) कहा जाता था।

सामान्य रूप से रक्त में AST निम्न स्तर में पाया जाता हैं। लेकिन जब शरीर के ऊतक या कोई अंग जैसे हृदय या जिगर क्षतिग्रस्त या रोगग्रस्त होते है, तो इससे AST रक्त में निकलने लगता है और इसकी मात्रा रक्त में बढ़ जाती है। रक्त में AST की मात्रा का सीधा सम्बन्ध टिश्यू की क्षति से होता है। गंभीर क्षति के बाद, AST का स्तर, 6 से 10 घंटे में बढ़ जाता है और लगभग 4 दिनों से अधिक रहता है।

AST, परीक्षण अक्सर, ALT के परीक्षण के साथ किया जाता है। AST और ALT के अनुपात से यह पता लगाया जाता है कि जिगर या कोई अन्य अंग क्षतिग्रस्त तो नहीं हो चुका है। इन दोनों टेस्टों ALT और AST के स्तर से जिगर की क्षति का पता लगाया जाता हैं।

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