क्या है कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी स्कैन)?

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23rd June, 2016

Computed Tomography ki aavashyakta kab padti hai? | कंप्यूटेड टोमोग्राफी की आवश्यकता कब पड़ती है? | When it is needed to have Computed Tomography?कंप्यूटेड टोमोग्राफी, एक ऐसी तकनीक है, जिसमे रोगी के शरीर के अंदरुनी भागों का, एक्स-रे के द्वारा विस्तृत चित्र लिया जाता है। सीटी स्कैन करने के लिए एक डोनट के आकार की मशीन का प्रयोग किया जाता है। इसमें रोगी को सबसे पहले एक टेबल पर लेता दिया जाता है। इस टेबल से एक सीटी स्कैनर जुड़ा होता है। यह सीटी स्कैनर रोगी के शरीर के प्रभावित हिस्से में एक्स-रेज भेजता है। स्कैनर का हर एक रोटेशन, उस प्रभावित अंग की एक हल्की तस्वीर बनाता है। फिर कंप्यूटर इन सभी चित्रो को जोड़ कर एक साथ दिखता है और इस चित्र का प्रिंट आउट भी लिया जा सकता है।

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कुछ विशेष प्रकार की जाँच में डाई का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस डाई को रोगी के हाथ की नसों के अंदर या शरीर के किसी भी अंग जैसे- मलाशय या जोड़ों के अंदर रख दिया जाता है। कुछ प्रकार के सीटी स्कैन में रोगी को तरल पदार्थके अंदर डाई डाल कर पीने के लिए कहा जाता है। इस डाई के कारण डॉक्टर को, रोगी के अंगों को और अच्छे से देखने में मदद मिलती है।   

कब सिटी स्कैन की जरुरत होती है?

सीटी स्कैन, शरीर के सभी भागों जैसे- छाती, पेट, कमर, हाथ या पैर, सम्बंधित बिमारियों के लक्षणों की जाँच करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे अग्न्याशय, आंतों, गुर्दे, मूत्राशय, अधिवृक्क ग्रंथि, फेफड़े, और दिल इत्यादि जैसी बिमारियों का पता लगाया जाता है। इसके अतिरिक्त, इससे रक्तवाहिकाएं, हड्डियों और रीढ़ की हड्डियों सम्बंधित बीामरियों का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

सामान्य सीटी स्कैन के अलावा, एक विशेष प्रकार की सीटी स्कैन, फ्लूरोस्कोपी सीटी स्कैन का भी प्रयोग किया जाता है। लेकिन यह आसानी से हर जगह उपलब्ध नहीं है। इस परिक्षण में, शरीर के अंदर हो रही समस्या को देखने के लिए, एक विशेष प्रकार की एक्स-रे बीम (स्थिर बीम) का प्रयोग किया जाता है। इस परिक्षण में डॉक्टर, शरीर के विभिन्न भागों के मूवमेंट या बायोप्सी करने वाली सुई या अन्य उपकरणों को शरीर के अंदर सही जगह में ले जाने में प्रयोग करते हैं।

सिटी स्कैन के द्वारा यह पता लगाया जाता है कि प्रक्रिया सही से हो रही है या नहीं, जैसे- डॉक्टर बायोप्सी करते समय, या फोडे को साफ करते समय, सुई को देखने के लिए सिटी स्कैन प्रक्रिया का प्रयोग करते हैं।

कैंसर से पीड़ित लोगों में कैंसर के स्टेज का पता लगाने के भी सिटी स्कैन किया जाता है। इसके द्वारा यह पता लगाया जाता है कि कैंसर कितनी दूर तक फैला है।



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