नुक्सानदेह हो सकती है आँखों के सूखेपन (ड्राई आई सिंड्रोम) की अनदेखी

भाषा चयन करे

28th November, 2017

Kya dry eyes syndrome ghaatak ho sakta hai? | क्या ड्राई आइज सिंड्रोम घातक हो सकता है? | Can dry eyes syndrome be dangrous? आँखों का सूखापन (ड्राई आई सिंड्रोम) एक आम समस्या है। खासकर ऐसे माहौल में, जब एक औसत व्यक्ति के दिन का काफी समय टीवी, लैपटॉप, फ़ोन आदि के सामने बीतता है। जब किसी व्यक्ति की आँखें पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं बना पाती, या बनने वाला पानी आँखों के लिए पर्याप्त नहीं होता तब ड्राई आई की समस्या होती है। कभी-कभी अनियमित दिनचर्या या रूटीन बदलने की वजह से ड्राई आई होना एक सामान्य बात है, लेकिन यदि आँखों का सूखापन बार-बार होने लगे तब उसे ड्राई आई सिंड्रोम कहा जाता है। कई अनुसंधानों के अनुसार क्रोनिक ड्राई आई विकार से पीड़ित लोगो की संख्या बढ़ती जा रही है।

Image Source

 

आँखों में सूखापन होने के कुछ मुख्य कारण-

  • उम्र बढ़ने के साथ, आँखों में सूखापन होने की समस्या बढ़ जाती है। शरीर के रक्तसंचार और अन्य प्रणालियों का मंद पड़ना, देखभाल की कमी इसके मुख्य कारण हैं। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में हॉर्मोन स्तर के बदलाव की वजह से उनमे ड्राई आईज़ की समस्या ज़्यादा पायी जाती है।
  • एंटीहिस्टामाइन, गर्भनिरोधक दवाएं, एंटीडिप्रेसेंट, ब्लड प्रेशर सामान्य करने की कुछ दवाएं ड्यूरेटिक्स से भी ड्राई आईज़ विकार होने की संभावना बढ़ जाती है। डॉक्टर से सलाह लेने के बाद व्यक्ति को कुछ दवाओं के विकल्प पर विचार करना चाहिए। किसी को अगर पहले से ही यह समस्या है तो इलाज में विकल्पों को देखना ज़रूरी हो जाता है।
  • एयर कंडीशनर, हीटर और यहाँ तक की लगातार या रोज़ाना चेहरे पर लगने वाली सूखी हवा व्यक्ति की आँखों की नमी कम कर सकती है। कभी-कभी मौसम में बदलाव और गर्मियों में चलने वाली लू के संपर्क में आने से भी यह समस्या हो सकती है।
  • किसी पदार्थ से एलर्जी की वजह से भी आँखों की नमी पर असर पड़ सकता है। एलर्जी की वजह से ड्राई आई विकार कितना गंभीर होगा, यह व्यक्ति पर एलर्जी का प्रभाव पर निर्भर करता है।
  • लंबे समय तक कांटेक्ट लेंस का इस्तेमाल आँखों से नमी को कम कर देता है। व्यक्ति को हार्ड लेंस का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उचित नमी बनाए रखने वाली डेली डिस्पोज़ेबल कांटेक्ट लेंस के प्रयोग से यह जोखिम कम किया जा सकता है। आँखों के इलाज के लिए लेसिक सर्जरी करवाने वाले कुछ लोगो में ड्राई आईं की अस्थाई समस्या देखने को मिलती है। हालांकि, उचित देखभाल न होने पर यह समस्या स्थाई विकार में बदल जाती है।

दिनचर्या में स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी और अन्य विजुअल डिवाइस का अधिक प्रयोग आँखों की अन्य समस्याओं के साथ ड्राई आई सिंड्रोम होने का खतरा बढ़ा देता है। इन कारणों को समझ कर अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव और सावधानियां करनी चाहिए। डॉक्टर द्वारा नियमित जांच होने से आँखों में सूखापन अपने शुरुआती चरण में ही जांचा जा सकता है।

 



अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे !





अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे !