बच्चों में कान के संक्रमण की रोकथाम

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20th April, 2016

बच्चों में कान के संक्रमण के घरेलु उपचार | Bachhon mein kaan ke Sankraman ke Gharelu Upchar | Home Treatment for Child Ear Infectionकोई भी समस्या, यदि बच्चों में हो, तो उसे समझना मुश्किल हो जाता है। वहीं यदि यह समस्या कान की हो तो, बच्चों में इन्हें पहचानना और भी मुश्किल होता है। ऐसे में यह जरुरी होता है कि आप अपने बच्चे का ध्यान रखें। साथ ही यदि आपको लग रहा है कि आपके बच्चे को कान में संक्रमण की समस्या है तो आपको कुछ बातों को ध्यान में रखना बेहद जरुरी है।

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उदाहरण के तौर पर-

  • धूम्रपान न करें- कान का संक्रमण बच्चों में आम बात है, लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनसे बच्चों को संक्रमण होने की सम्भावना बहुत ज्यादा होती हैं। उनमें से एक है, धूम्रपान। बच्चे के पास कभी भी धूम्रपान न करें।
  • अपने बच्चे को स्तनपान कराएं- बोतल से दूध पिलाने से भी बच्चों को कान का संक्रमण हो सकता है। इसीलिए उसे स्तनपान ही कराएं। यदि आप बच्चे को बोतल से दूध पिलाते भी हैं, तो वो भी लेटा कर न पिलाएं।
  • हाथ साफ रखें- हाथ धोने से कीटाणुओं से फैलने वाले संक्रमण को रोका जा सकता है।
  • टीकाकरण- अपने बच्चे को वो सभी टिके लगवायें जिनकी उन्हें जरूरत हो।
  • चाइल्ड केयर सेंटर- अपने बच्चे को ऐसे चाइल्ड केयर सेंटर में डाले जहाँ संक्रमण का खतरा न हो। क्योंकि ऐसी जगहों पर बच्चों में ज्यादा संक्रमण देखने को मिलता है। अगर संभव हो तो बच्चों को ऐसी जगह न डालें।
  • बच्चे को खिलौने वाली निप्पल से दूर रखे- बच्चों को निप्पल वाले खिलौने से दूर रखें। अगर आपने इसकी आदत लगा भी दी हैं, तो इसे 6 महीने से पहले छुड़ाने की कोशिश करें। 12 महीने के बाद भी निप्पल वाले खिलौने का उपयोग करने वाले बच्चों को कान में संक्रमण होने का खतरा ज्यादा रहता है।

इसके अलावा भी कान में संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है-

  • सर्दी और अन्य बीमारियों की रोकथाम- अपने बच्चे को छूने से पहले हाथ को अच्छे से धो लें, साथ ही उसके खाने और पीने के बर्तन को लोगों के प्रयोग से दूर रखें। अपने बच्चों को खांसते समय मुंह ढ़कने की सलाह दें। यदि संभव हो, तो अपने बच्चे को चाइल्ड केयर में ज्यादा देर तक न छोड़ें।
  • टीकाकरण के बारे में डॉक्टर से बात करें- कौन सा टीका आपके बच्चे के लिए उपयुक्त है, इस बारे में डॉक्टर से बात करें। साथ ही, मौसमी फ्लू शॉट और न्यूमोकोकल टीकों के बारे में भी जानकारी कर लें।

बच्चों में कान के संक्रमण में ध्यान रखने योग्य कुछ बातें

ज्यादातर, कान का संक्रमण, बिना किसी ख़ास उपचार के ठीक हो जाता है, लेकिन यदि इसके कारण बच्चे को ज्यादा समस्याएं आ रही हों, या फिर संक्रमण बार-बार लौटकर वापिस आ रहा हो तो, इसके लिए आपको ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती ही है।

आपको डॉक्टर से सलाह लेने के अलावा खुद भी कुछ भी जरुरी बातों का ध्यान रखना होता है।

जैसे:-

  • दर्द निवारक दवाओं का प्रयोग- दर्द निवारक दवाओं, नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ( Advil, Aleve, and Motrin) का प्रयोग करें। इसके अलावा, Acetaminophen (Tylenol) भी बच्चे को कान के दर्द में राहत देने का कार्य करती है।
  • लेबल पर लगे सभी निर्देशों का पालन करें- यदि आप अपने बच्चे को दवा देते हैं, तो याद रखें कितनी मात्रा में दे रहे है। इसके साथ ही अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करें।
  • एस्पिरिन का प्रयोग ना करें- 20 से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को एस्पिरिन न दें, क्योंकि ये रेए (Reye) सिंड्रोम से जुड़ा हुआ है, जो एक गंभीर बीमारी का कारण हो सकता है।
  • कान की सिकाई करें- कान की गर्म कपड़े से सिकाई करें, इससे दर्द में राहत मिलती है।
  • बच्चे को आराम करने दें- आराम करने से शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद मिलता है।
  • एयरड्रॉप का इस्तेमाल करें- डॉक्टर अक्सर कान दर्द में एयरड्रॉप के इस्तेमाल का सुझाव देते हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना एयरड्रॉप का प्रयोग न करें। खासकर तब जब आपके बच्चे के कान में ट्यूब डला हो।

यदि आपके बच्चे कुछ दिन बाद भी बेहतर महसूस नहीं कर रहें हों तो ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करें।

खराब हुए कान की ट्यूब/ और परदों की देखभाल

अपने डॉक्टर से पूछें कि कान के परदों में हुए छेद को पानी जाने से बचाना चाहिए। ऐसे में शायद आपके बच्चे को इयरप्लग पहनने की जरूरत हो सकती है। साथ ही डॉक्टर से ये पता करने की कोशिश करें कि किस तरह के जाँच की जरूरत है।

हवाई यात्रा के दौरान देखभाल

यदि आपके बच्चे के कान में संक्रमण है, तो और आपको हवाई यात्रा करनी है, तो इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से पहले सलाह की जरूरत होती है।



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