एडिनॉयड्स और टॉन्सिल्स निकालने के लिए सर्जरी

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13th June, 2016

Adenoiditis and tonsillectomy nikalne ke liye surgery | एडिनॉयडेक्टॉमी और टॉन्सिलेक्टॉमी निकलने के लिए सर्जरी | Surgery to Remove Adenoiditis and Tonsilsकभी-कभी, किसी बच्चे को एडिनॉयडिटिस अर्थात कण्ठशूल में सूजन की समस्या और साइनस एवं कान का संक्रमण बार-बार होता रहता है। इस समस्या के कारण, बच्चा कुछ निगल नहीं पाता और साँस लेने में भी तकलीफ़ महसूस करने लगता है। या फिर यह भी हो सकता है कि बच्चे को दवाओं से कोई लाभ नहीं मिल पाता, तो डॉक्टर उपचार के लिए सर्जरी करके एडिनॉयड्स और टॉन्सिल्स को निकलवा देने की सलाह देते हैं। एडिनॉयड्स  को निकालने की प्रक्रिया को एडिनॉयडेक्टॉमी और टॉन्सिल्स निकालने प्रक्रिया को टॉन्सिलेक्टॉमी कहा जाता है।

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एडिनॉयडेक्टॉमी और टॉन्सिलेक्टॉमी की प्रक्रिया  

एडिनॉयडेक्टॉमी और टॉन्सिलेक्टॉमी की प्रक्रिया किसी नाक, कान एवं गला विशेषज्ञ सर्जन द्वारा की जाती है। यह किसी अस्पताल या किसी बाह्यरोगी सर्जिकल सेंटर में की जाती है इसके लिए जनरल एनेस्थिसिया (सामान्य बेहोशी दवा) दिया जाता है, अर्थात बच्चे को सुला दिया जाता है। चूँकि एडिनॉयड्स  या टॉन्सिल्स या दोनों को मुँह के माध्यम से निकाला जाता है इसलिए इस सर्जरी के लिए अतिरिक्त चीरे नहीं लगाने पड़ते हैं। इसमें केवल एडिनॉयड्स  या टॉन्सिल्स के जितने पार्ट को निकाला जाता है उसी को काटा जाता है।

इस सर्जरी की प्रक्रिया के बाद ज्यादातर मरीजों को घर जाने के लिए कह दिया जाता है, लेकिन डॉक्टर के द्वारा सर्जरी के बाद 4-5 घंटे अस्पताल या सर्जिकल सेंटर पर रहने की सलाह दी जाती है ताकि रोगी को किसी प्रकार की समस्या की स्थिति में डॉक्टरों और कुशल नर्सिंग स्टॉफ के द्वारा सावधानी से मॉनिटर किया जा सके। यदि रोगी 4-5 घंटे ठीक रहता है तो सामान्यतः कोई समस्या नहीं होती है। इसके अतिरिक्त एडिनॉयडेक्टॉमी और टॉन्सिलेक्टॉमी की प्रक्रिया के बाद डॉक्टर के द्वारा रोगी और उसके परिजनों को कुछ विशेष निर्देश भी दिए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त डॉक्टर के द्वारा इसके बाद होने वाली सामान्य परेशानियों के बारे में भी बता है, ताकि घर जाने के बाद किसी समस्या को लेकर रोगी या उसके परिजन परेशान न हों।



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