घेंघा अर्थात गॉइटर रोग के लक्षण

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7th June, 2016

Ghengha rog ke lakshan | घेंघा रोग के लक्षण | Symptoms of goitreघेंघा जिसे गॉइटर, गण्डमाला और गलगण्ड के नाम से भी जाना जाता है, यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति का गला फूल जाता है। सामान्यतः यह रोग शरीर में या तो आयोडीन की कमी से होता है या थायराइड की आयोडाइड प्रक्रिया (आयोडीन उपयोग की प्रक्रिया) की क्षमता में गड़बड़ी  के कारण होता है। आयोडीन उपयोग की प्रक्रिया में कमी आ जाने से, थायराइड ग्रंथि के द्वारा बनने वाले थायराइड हॉर्मोन में वृद्धि या कमी हो जाती है। थायराइड हॉर्मोन में, वृद्धि या कमी की वजह से ही घेंघा होता है। वैसे तो ज्यादा खराब हालत में, घेंघा गला फूला होने के कारण साफ दिखाई देता देता है परन्तु इसके अतिरिक्त इस रोग के कुछ अन्य लक्षण भी होते हैं।

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घेंघा अर्थात गॉइटर रोग के लक्षण

जैसा कि ऊपर वर्णित है घेंघा या गण्डमाला रोग दो कारणों से हो सकता है। थायराइड हॉर्मोन की अधिकता से या थायराइड हॉर्मोन की  कमी से, इन दोनों स्थितियों में इसके लक्षण कुछ अलग-अलग होते हैं।

इन लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं-

  • गर्दन में टेंटुए के नीचे, सामने की तरफ सूजन होना, जोकि एक छोटी सी गांठ से लेकर सामान्य वृद्धि तक हो सकता है।
  • यदि व्यक्ति की थायरॉयड ग्रंथि अत्यधिक सक्रिय हो, जिसे हाइपर्थाइरॉइडिज़म कहते हैं, और ज्यादा मात्रा में थायराइड हॉर्मोन का निर्माण हो, तो इस स्थिति में निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे: भूख में वृद्धि के बावजूद, वजन घटना, हृदय गति में वृद्धि, रक्तचाप ज्यादा होना, घबराहट, दस्त, मांसपेशियों में कमजोरी और हाथों में झटके लगना आदि।
  • यदि व्यक्ति की थायरॉयड ग्रंथि, कम सक्रिय है, जिसे हाइपोथायरायडिज्म कहते हैं, तो इस स्थिति में, निम्नलिखित लक्षण उभर कर सामने आ सकते हैं, जैसे: सुस्ती, शारीरिक और मानसिक कार्यों में धीमापन, अवसाद, हृदय गति कम होना, ठंड सहन न कर पाना, कब्ज, बहुत जल्दी वजन बढ़ना और हाथों में झुनझुनी या अकड़न होना।

घेंघा में गला फूलने के बावजूद भी दर्द नहीं होता है, लेकिन जब यह अत्यधिक बढ़ जाता है तो व्यक्ति को भोजन निगलने और साँस लेने में परेशानी हो सकती है।



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