कान के संक्रमण के लिए जाँच और परीक्षण

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11th April, 2016

Kaan mein Sankraman ke Ilaj aur Pareekshan | कान में संक्रमण के इलाज और परीक्षण | Best Exams and Tests for Ear Infectionकान के संक्रमण की जाँच, मुख्य तौर पर शारीरिक जाँच और कान की जाँच के आधार पर की है। डॉक्टर कान के संक्रमण को देखने के लिए वायवीय ओटोस्काप (Pneumatic Otoscope) का उपयोग करता है और यह देखता है कि कान के अंदर कोई तरल पदार्थ तो नहीं बन रहा है।

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जाँच कुछ कुछ इस प्रकार की होती हैं-

  • टीम्पानोमेट्री (Tympanometry)- इसके तहत यह देखा जाता है कि जब अंदर हवा का दबाव पड़ता है, तो कान के परदे पर कैसे प्रतिक्रिया करता है।
  • हियरिंग टेस्ट (Hearing tests)- इस तरह की जाँच, तब की जाती है, जब बच्चे को तीन महीने से भी ज्यादा समय से कान में तरल आ रहा होता है। वहीं यदि बच्चे को सुनना बंद हो जाए, तो यह जाँच और भी जल्दी की जा सकती है।
  • टीम्पानोसेंटेसिस (Tympanocentesis)- इस जाँच के जरिये ईयरड्रम के पीछे से तरल को हटाया जाता है, या फिर यह देखा जाता है कि संक्रमण एंटीबायोटिक दवाओं के बाद भी फ़ैल रहा है।
  • रक्त जाँच- इसकी जाँच, तब की जाती है यदि बच्चे की रोग प्रति रोधक क्षमता कम हो जाती है।
  • निदान के साधन-

  • एक्यूट ओटिटिस मीडिया (Acute Otitis Media)- कान के संक्रमण का इलाज, आम तौर पर तीव्र ओटिटिस मीडिया के तहत ही किया जा सकता है। जब आपके कान के मध्य में कोई तरल पदार्थ देखा जाता है, तभी डॉक्टर इसके इलाज की सलाह देते हैं।
  • बहाव के साथ ओटिटिस मीडिया (Otitis Media with Effusion)- इस तरह का निदान तब किया जाता है जब बहाव के साथ ओटिटिस मीडिया मौजूद हो। या फिर जब डॉक्टर को मध्य कान में तरल पदार्थ मिल गया हो। लेकिन वर्तमान में कोई संकेत या संक्रमण के लक्षण नहीं हो।
  • क्रोनिक सपुरेटिव ओटिटिस मीडिया (Chronic Suppurative Otitis Media)- इसके तहत एक या दोनों कानों में संक्रमण की वजह से कान का परदा फट गया हो, इस तरह की स्थिति पायी जाने पर इसका निदान किया जाता है।


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