एडिनॉयडिटिस के उपचार

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13th June, 2016

Adenoiditis ke upchar kya hain? | एडिनॉयडिटिस के उपचार क्या हैं? | What is the Treatment of Adenoiditis?एडिनॉयडिटिस अर्थात कण्ठशूल की सूजन की समस्या, जिसमें मुँह अंदर, कान के पास, नाक और तालू के पीछे स्थिति एडिनॉयड ग्रन्थियाँ संक्रमित हो जाती हैं, इनके संक्रमित हो जाने के कारण ही इन ग्रंथियों में सूजन आ जाती है और यह बड़ी हो जाती हैं। इससे साँस लेने, भोजन व पानी निगलने में, समस्या के साथ-साथ, गले और कान के आस-पास गालों में भी सूजन हो जाती है। यह समस्या सामान्यतः बैक्टीरिया या वायरस के संक्रमण के कारण होती है। इसके होने के कारकों के आधार पर ही इसका उपचार किया जाता है। एडिनॉयडिटिस के ठीक होने में, बैक्टीरियल इन्फेक्शन की अवस्था में लगभग एक सप्ताह और वायरल संक्रमण की अवस्था में 2 से 3 सप्ताह का समय लगता है।

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एडिनॉयडिटिस के उपचार

एडिनॉयडिटिस का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति में किस प्रकार के लक्षण नजर आ रहें हैं। लक्षण के आधार पर ही, व्यक्ति को होने वाली एडिनॉयडिटिस के कारकों का अनुमान डॉक्टर द्वारा लगाया जाता है।

सामान्यतः एडिनॉयडिटिस के उपचार के लिए अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर तीन तरीके अपनाए जाते हैं-

  • प्रतिजैविक (Antibiotic) दवाओं के द्वारा उपचार – आमतौर पर एडिनॉयडिटिस कीटाणु संक्रमण के कारण होता है, इसलिए इसके उपचार के लिए सामान्यतः एंटीबॉयटिक दवाओं का प्रयोग किया जाता है। यदि रोग ज्यादा गम्भीर अवस्था में नहीं है तो एंटीबॉयटिक द्वारा एडिनॉयडिटिस को ठीक होने में लगभग एक हफ्ते का समय लगता है।
  • सामान्य देख-रेख एवं सिंकाई के द्वारा उपचार – यदि व्यक्ति को एडिनॉयडिटिस वायरस के संक्रमण से होता है तो यह एंटीबॉयटिक दवाओं के द्वारा ठीक नहीं हो पाता है। इस प्रकार का एडिनॉयडिटिस साफ-सफाई, नमक या फिटकरी युक्त गुनगुने पानी से गरारे करने और किसी कपड़े में हल्दी पाउडर और नमक के मिश्रण पोटली बनाकर उसे रोटी बनाने वाले तवे पर रखकर या अन्य तरीके से गर्म करके सिंकाई करने से ठीक हो जाता है। इस उपचार में 2 से 3 सप्ताह का समय लगता है।
  • सर्जरी के द्वारा उपचार – यदि किसी बच्चे को बार-बार संक्रमण हो रहा हो, एडिनॉयडिटिस के साथ-साथ कान और साइनस का संक्रमण भी हो रहा हो, एंटीबॉयटिक दवाओं से फायदा न हो रहा हो या बच्चे को लगातार साँस लेने में समस्या हो रही हो तो ऐसी स्थितियों में डॉक्टर के द्वारा, सर्जरी करके एडिनॉयड को निकालने की सलाह दी जा सकती है। इस प्रक्रिया को एडिनॉयडेक्टॉमी कहते हैं।

यदि डॉक्टर के द्वारा एडिनॉयडेक्टॉमी की सलाह दी जाती है तो वह साथ ही साथ टॉन्सिल्स को हटाने की  सलाह भी दे सकते हैं क्योंकि एडिनॉयडिटिस और टॉन्सिलिटिस (टॉन्सिल में सूजन की समस्या) साथ-साथ होती है। टॉन्सिल्स को हटाने लिए की वाली सर्जरी को टॉन्सिलेक्टॉमी कहते हैं।



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