ब्ल्यू-येलो कलर ब्लाइंडनैस

भाषा चयन करे

27th March, 2018

rang drishti heenta ki samasya | रंग दृष्टिहीनता की समस्या | Color blindness problem

Image Source

 

जैसा कि हमने अपने पहले लेखों में, कलर ब्लाइंडनैस यानी रंग अंधता और इसके प्रकारों के बारे में बताया। यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें व्यक्ति की रंगों की पहचान नहीं कर पाता। यह समस्या बच्चे में उसके माता-पिता से भी आ सकती है यानी जन्म से भी हो सकती है और किसी दुर्घटना के कारण बाद में भी पनप सकती है। वहीँ रंग अंधता के प्रकारों की बात की जाए तो, हमारा यह लेख रंग अंधता के उस प्रकार के बारे में है, जिसमें व्यक्ति को नीले और पीले रंग को पहचानने में परेशानी होती है।

ब्ल्यू-येलो कलर ब्लाइंडनैस में रोगी नील और हरे, पीले और लाल रंगों के साथ-साथ इनके सभी शेड्स में भी फर्क नहीं कर पाता। इस समस्या के मामले रेड़-ग्रीन कलर ब्लाइंडनैस से पीछे यानी कम देखने को मिलते हैं। इस समस्या में, व्यक्ति की आँख में जो नीले रंग के फोटोपिग्मेन्ट यानी नीले रंग की कोन कोशिकाएं या तो कम होती हैं, या फिर ठीक से काम नहीं कर पाती। यह समस्या दो प्रकार की होती है: ट्रिटअनोमली (Tritanomaly) और  ट्रिपअनोपिया (Tritanopia)।

ब्ल्यू-येलो कलर ब्लाइंडनैस के प्रकार-

ट्रिटअनोमली (Tritanomaly)- इसमें व्यक्ति की आँख के कोन की जो नीले रंग की कोशिकाएं होती हैं, वह सही तरह से काम नहीं कर पाती। इसलिए नीला रंग हरा प्रतीत होता है। वहीं व्यक्ति पीले, गुलाबी और लाल रंग में भी फर्क नहीं कर पाता। यह एक ऑटोसॉमल डोमिनेंट डिसऑर्डर होता है और पुरुषों समेत महिलाओं में भी बराबर की संख्या में देखने को मिलता है।

ट्रिपअनोपिया (Tritanopia)- इसे ब्ल्यू-येलो कलर ब्लाइंडनैस के नाम से भी जाना जाता है। इस समस्या में रोगी की आँख में नीले रंग की कोन कोशिकाएं कम होती हैं। इसकी वजह से व्यक्ति को नीला रंग हरा और पीला रंग बैंगनी आ फिर हल्का सलेटी दिखाई देता है। यह एक आटोसॉमल डिसीसिव डिसऑर्डर होता है और यह भी महिलाओं और पुरुषों में बराबर संख्या में देखने को मिलता है।

यह दोनों ही समस्याएं ऐसी हैं, जो कलर ब्लाइंडनैस के मामले में ब्लाइंडनैस के अन्य प्रकारों के मुकाबले बेहद कम देखने को मिलती हैं। साथ ही जहाँ अन्य प्रकार पुरुषों में अधिकतर पनपते हैं, यह महिलाओं और पुरुषों में भेद नहीं करती और दोनों को समान रूप से प्रभावित करती है।  

यदि इस समस्या के पीछे के कारणों की बात की जाए तो, उम्र का बढ़ना, और पारिवारिक तौर पर समस्या का आगे बढ़ना यानी जेनेटिक होने के अलावा, आँख में किसी प्रकार के केमिकल का गिर जाना भी ब्ल्यू-येलो कलर ब्लाइंडनैस को जन्म दे सकता है।

 

Master Blood Check-up covering 61 tests like Iron, Vitamn D, Thyroid Function, Complete Hemogram, Renal Profile, Lipid & Cholestrol Profile just in 299 RS click now to avail offer



अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे !





अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे !