अन्य कई समस्याओं को जन्म दे सकती है एलर्जी

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24th May, 2017

Allergic Reactions kya hai? | एलर्जी रिएक्शन क्या है? | what are the allergic reactions?एलर्जी एक ऐसी समस्या होती है, जिसमें शरीर की रोग प्रति रोधक क्षमता किसी भी बाहरी पदार्थ पर आक्रमण कर उसे नष्ट करना शुरु कर देती है। उदाहरण के तौर पर; धूल के कण, किसी प्रकार की खुशबू या अन्य कोई पदार्थ। जब यह पदार्थ, शरीर में प्रवेश करते हैं, तो इनके प्रति शरीर की रोग प्रति-रोधक क्षमता सक्रीय हो जाती है और उन पर आक्रमण कर उन्हें नष्ट कर देती है। लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि शरीर की यही रोग प्रति-रोधक क्षमता यदि इस बात में फर्क नहीं कर पाती की यह पदार्थ शरीर के लिए फायदेमंद है या नुकसान दायक तो यह उसे भी बाहरी तत्व समझ कर उस पर भी आक्रमण करने लगती है। ऐसे में जो लक्षण उभर कर सामने आते हैं उन्हें एलर्जी कहा जाता है।

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जिस तत्व के प्रति शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) अतिसंवेदनशी होती है, उसे एलर्जन कहते हैं। एलर्जी कई माध्यम और प्रकारों से व्यक्ति को हो सकती है। एलर्जी होने पर कुछ अन्य विकारों के होने के जोखिम भी बढ़ जाते हैं। ऐसा होने की वजह से ही किसी पदार्थ के प्रति एलर्जी कभी-कभी अन्य विकारों के लिए उत्प्रेरक (ट्रिगर) का काम करती है। एलर्जी के यह लक्षण तब तक नजर आते रहते हैं, जब तक कि पदार्थ शरीर में मौजूद रहता है।

एलर्जी होने से शरीर में जिन अन्य विकार होने की संभावना बढ़ जाती है, उनमे सबसे आम समस्याएं निम्न हैं-

  • ऐनाफाईलेक्सिस – तीव्र एलर्जी होने पर या एक से अधिक एलर्जी होने पर ऐनाफाईलेक्सिस नामक एलर्जिक रिएक्शन होने का जोखिम अधिक हो जाता है। ज़्यादातर ऐनाफाईलेक्सिस के मामले फ़ूड एलर्जी, पेनिसिलिन एलर्जी और कीड़े-मकोड़ों के विषैले तरल से होता है।
  • अस्थमा – अगर व्यक्ति को एलर्जी है, तो उसे अस्थमा होने का खतरा बढ़ जाता है। इम्यून सिस्टम के इस रिएक्शन में श्वसन तंत्र और सांस लेने पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी अस्थमा के लक्षण सिर्फ एलर्जन (एलर्जी का कारक तत्व) के संपर्क में आने पर ही होते हैं।
  • हे फीवर, पशु एलर्जी और फंगस से एलर्जी होने पर एटॉपिक डर्मेटाइटिस (एक्जिमा), साइनस और कान, फेफड़ों का संक्रमण हो सकता है।
  • साइनस और फेफड़ों में फंगल समस्या – मोल्ड फंगस से एलर्जी होने पर एलर्जिक फंगल साइनस, एलर्जिक ब्रोंकोपल्मोनरी ऐस्परगिलोसिस जैसे साइनस और फेफड़े संबंधी रोग हो सकते हैं।

एक समय पर एक अधिक पदार्थों से एलर्जी होना भी संभव है। एक से अधिक एलर्जी होने पर व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर होती है, जिस कारण पीड़ित में एकसाथ कई समस्याएं घर कर सकती हैं। इस प्रकार के जानलेवा खतरे से बचने के लिए व्यक्ति को अपने मेडिकल और एलर्जिक इतिहास का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही एलर्जिक रिएक्शन के बढ़ने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।



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