हृदय तक पोषक तत्व पहुँचाने की ज़िम्मेदारी निभाती हैं कोरोनरी धमनियां

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5th December, 2016

Hriday ki Coronary dhamaniya | हृदय की कोरोनरी धमनियाँ | Coronary arteries of the heart जिस तरह से हमारे शरीर के बाकी अंगों, उत्तकों और कोशिकाओं को रक्त की आवश्यकता होती है, उसी तरह हमारे हृदय की दीवारों और मांशपेशियों को भी रक्त की आवश्यकता होती है। जिस प्रणाली के द्वारा हृदय की मांशपेशियों तक रक्त पहुँचता है उसे कोरोनरी प्रणाली या कोरोनरी सर्कुलेशन, कहा जाता है और जिन रक्त वाहिकाओं द्वारा यह रक्त हृदय की दीवारों तक पहुँचाया जाता है, उन्हें कोरोनरी धमनियां कहा जाता है।

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क्या होती हैं कोरोनरी धमनियां?

हमारे शरीर की सबसे बड़ी धमनी एरोटा, जो हमारे पूरे शरीर में ऑक्सीजन युक्त रक्त को लेकर जाती है, यह खुद भी, छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं में बंटी होती है। इसकी जो शाखाएं हृदय की दीवारों पर फैली होती हैं, उन्हें कोरोनरी धमनी कहा जाता है। यह हृदय की सभी मांशपेशियों को रक्त पहुंचाती है। इनमें से राइट कोरोनरी आर्टरी यानी दांयी कोरोनरी धमनी हृदय के दांयी और के हिस्से को रक्त पहुँचाती है। वहीं एरोटा से निकलने वाली वह धमनियां जो बांयी तरफ फैली होती हैं, वह हृदय के बांयी और के हिस्से को रक्त पहुँचाती हैं।

हमारे हृदय का सीधे (दाहिने) तरफ वाला हिस्सा छोटा और बाएं तरफ वाला हिस्सा बड़ा होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हृदय के दाहिने हिस्से को रक्त सिर्फ फेफड़ों को पहुंचाना होता है और बाएँ हिस्से को पूरे शरीर के लिए रक्त पंप करना पड़ता है।

शरीर की अन्य रक्त वाहिकाओं की ही तरह कोरोनरी धमनियां भी ऑक्सीजन और पोषक तत्वों से भरपूर रक्त को हृदय की मांशपेशियों तक लेकर जाती है, और वहां से दूषित रक्त को लेकर वापिस हृदय तक लेकर जाती हैं, ताकि उसे फेफड़ों द्वारा फिर से शुद्ध किया जा सके। हृदय स्पंदन के साथ यह सभी रक्त वाहिकाएं एक साथ रक्त के आदान-प्रदान का कार्य करती हैं।

यह कोरोनरी धमनियां, एरोटा के उस हिस्से से निकलती हैं, जहाँ  एरोटा (महाधमनी) और लेफ्ट वेंट्रिकल आपस में मिलते हैं और वहां यह हृदय के दोनों हिस्सों, दाहिने और बाहिने में बँट जाती हैं और हृदय के सभी उत्तकों को इन्हीं से रक्त, ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। जहाँ एक और उचित आहार और पोषक तत्वों से इन धमनियों को स्वस्थ रखा जा सकता है, वहीं कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्त चाप (ब्लड प्रैशर), डायबिटीज़ (मधुमेह), शराब, धूम्रपान और अन्य विषैले तत्वों का सेवन इन धमनियों को क्षति ग्रस्त कर देता है और इसे ही कोरोनरी आर्टरी डिजीज या कोरोनरी, धमनियों की बीमारी कहा जाता है।



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