हृदय विफलता के कारण

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12th December, 2016

Hriday mein rukawat kyun hoti hai? | हृदय में रूकावट क्यों होती है? | why occurs heart blockage? ऐसी कोई भी स्थिति या समस्या, जिसके कारण हृदय की कार्य क्षमता प्रभावित हो, हृदय विफलता का कारण बन सकती है। हृदय की कार्य क्षमता तब प्रभावित होती है, जब हृदय की मांशपेशियों में संकुचन नहीं हो पाता और संकुचन न होने के कारण हृदय रक्त को फेफड़ों और शरीर में नहीं फेंक पाता। हृदय विफलता के बहुत से कारण हो सकते हैं; जैसे, कोरोनरी धमनी रोग (कोरोनरी आर्टरी डिजीज), उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रैशर), हार्ट वाल्व डिजीज (हृदय की वाल्व में हुई बिमारी) हृदय की मांशपेशियों में हुई बिमारी जैसे, सूजन।

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हृदय घात का कारण बनने वाली बिमारियां-

  • कोरोनरी आर्टरी डिजीज- कोरोनरी आर्टरी डीजीज यानी कोरोनरी धमनी बिमारी, एक ऐसी समस्या है, जिसमें हृदय की मांशपेशियों को रक्त, ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाएं (कोरोनरी धमनियां) किसी कारण से ब्लॉक हो जाती हैं।
  • हाई ब्लड प्रैशर या लो ब्लड प्रैशर- इनमें धमनियों में रक्त का दबाव सामान्य से ज्यादा या कम हो जाता है।
  • हार्ट वाल्व डिजीज- इसमें हृदय की वाल्व, कठोर हो जाती हैं, और वह आम वाल्व की तरह बंद नहीं हो पाती। इससे धीरे-धीरे हृदय की कार्य क्षमता प्रभावित होने लगती है।
  • हार्ट मशल्स डीजीज (कार्डियोमायोपैथी)- इस बिमारी में, हृदय की मांशपेशियों में किसी प्रकार की कोई समस्या आने से हृदय में संकुचन नहीं हो पाता।
  • जन्म जात हृदय दोष- यदि हृदय में किसी प्रकार की कोई जन्म जात समस्या जैसे दिल में छेद हो तो।
  • फेफड़ों की स्थिति- यदि फेफड़ों में किसी प्रकार की कोई समस्या आ जाए तो उससे भी धीरे-धीरे हृदय की कार्य क्षमता पर प्रभाव पड़ता है।
  • एल्कोहल या दवाओं का दुरुपयोग- यदि कोई व्यक्ति ज्यादा मात्रा में एल्कोहल या नशीली दवाओं का प्रयोग करता हो।
  • हृदय घात- यदि किसी व्यक्ति को पहले कभी हार्ट अटैक (हृदय घात) हो चुका हो तो।

कुछ और ऐसी स्थितियाँ भी हैं जो हृदय विफलता का कारण बन सकती हैं-

जैसे:-

  • मधुमेह
  • हृदय वाल्व रोग
  • हृदय के आस-पास की थैली का रोग जैसे; पेरिकार्डियल
  • हृदय की धीमी या तेज या असामान्य गति यानी अतालता
  • जन्मजात हृदय की बीमारी (Congenital Heart Defect)
  • लंबे समय तक एल्कोहल की वजह से  जिगर (लिवर) की खराबी।

यह सभी वह समस्याएं हैं, जो किसी भी व्यक्ति को खराब खान-पान की आदतों की वजह से लगती हैं और धीरे-धीरे हृदय घात का कारण बन जाती हैं। यदि किसी व्यक्ति को जाँच में इनमें से किसी बिमारी पाई जाती है, तो उसे तुरंत सचेत हो जाना चाहिए।

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