कोरोनरी धमनी रोग के लक्षण

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6th December, 2016

Coronary artery disease kya hai? | कोरोनरी आर्टरी डिजीज क्या है? | What is Coronary Artery Disease कोरोनरी धमनियां (रक्त वाहिकाएं) जो हमारे हृदय को रक्त, ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुँचाती है, यदि वह किसी कारण से, कमजोर हो जाएं या हृदय को रक्त पहुंचाने में असमर्थ हो जाएं, तो इसे कोरोनरी धमनी रोग, या कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहा जाता है। वैसे तो शुरुआत में इस समस्या का पता नही चल पाता, लेकिन धीरे-धीरे जब इससे हृदय के कार्यों पर प्रभाव पड़ना शुरू होता है, तब इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं।

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इसमें सबसे पहले, साँस लेने में तकलीफ़ होनी शुरू होती है। खास तौर पर, एक्सरसाइज (व्यायाम) करते समय। लेकिन जब धीरे-धीरे प्लेक धमनियों में जमती रहती है, और इससे हृदय के एक हिस्से की मांशपेशियां मृत हो जाती हैं, तब इससे हृदय की पम्पिंग में समस्या आने लगती है और रोगी को सांस लेने में साफ तौर पर तकलीफ होने लगती है।

कोरोनरी धमनी रोग के लक्षण कुछ इस तरह से नज़र आते हैं-

  • एनजाइना, यानी कोरोनरी धमनी रोग के मरीजों को छाती में दबाव और खिंचाव महसूस होता है। यह दर्द सीने के बीचों-बीच या फिर बायीं तरफ महसूस होता है। ऐसे में यदि रोगी को तनाव या अन्य कोई शारीरिक या मानसिक दबाव भी हो तो यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
  • एक्सरसाइज करते समय, या दौड़ते, सीढ़ियां चढ़ते समय, सांस लेने में तकलीफ़ और छाती में दबाव हो जाना,
  • यह दर्द, गर्दन, भुजा और कमर में भी होता है,
  • असामान्य धड़कन, यानी अतालता,
  • यदि किसी व्यक्ति की ब्लॉकेज इतनी ज्यादा बढ़ जाए कि हृदय की मांशपेशियों को रक्त ही ना मिले, तो इससे व्यक्ति को दिल का दौरा भी पड़ सकता है। क्योंकि हृदय की मांशपेशियां ही हैं, जो हृदय को संकुचित होने के संकेत देती हैं। यदि वह ही मृत हो जाएंगी तो हृदय पंप ही नही कर पाएगा।
  • यदि रोगी के हृदय की पम्पिंग में समस्या हो जाएगी, तो इससे छाती, कन्धों, और भुजाओं में तेज हो जाएगा। इसके साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ़ और पसीना भी आने लगेगा। यह दिल के दौरे के संकेत भी हो सकते हैं।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज या कोरोनरी धमनी बीमारी, बेहद धीमे-धीमे पनपती है और यह किसी को भी हो सकती है। इसलिए यह जरुरी होता है कि समय रहते इन्हें रोक दिया जाए। ज्यादा चिकनाई और तला भुना आहार, शराब, धूम्रपान इसके मुख्य कारणों में से एक हैं। इसलिए व्यक्ति को इन चीजों के सेवन में संतुलन बना कर रखना चाहिए। ताकि यह समस्या पनपे ही नहीं।



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