कोरोनरी धमनी बाईपास ग्राफ्टिंग सर्जरी के जोखिम

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6th December, 2016

Coronary Bypass surgery ke baad kya-kya samasyaen aa sakti hain? | कोरोनरी बाइपास सर्जरी के बाद क्या-क्या समस्याएं आ सकती हैं? | What are the risk factors of Coronary Bypass surgeryसर्जरी कोई भी हो उससे कुछ-न-कुछ तो परेशानी होती ही है। हाँ यह जरूरी नहीं है कि यह सभी को हो और सभी को एक जैसी ही हो। लेकिन सर्जरी की एक परेशानी बेहद आम होती है, और वह है संक्रमण का ख़तरा। लेकिन क्योंकि इससे डॉक्टर पहले से ही अवगत होते हैं, इसलिए वह इसके लिए सर्जरी के तुरंत बाद से ही संक्रमण-रोधी दवाएँ भी रोगी को देते हैं। इसके अलावा, दूसरा सबसे आम जोखिम है, छाती में दर्द और जलन होना। एक तो जिस स्थान पर चीरा लगाया जाता है, उस स्थान पर रोगी को जलन और दर्द होता है और दूसरा, अंदर जिस स्थान पर नई धमनियों को जोड़ा जाता है, वहां जलन महसूस हो सकती है। हालाँकि डॉक्टर इसके लिए रोगी को सर्जरी के बाद से ही दवाएँ देनी शुरू कर देते हैं। इससे रोगी को इनका ज्यादा पता नहीं चलता।

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इनके अलावा भी कुछ ऐसी परेशानियां और जोखिम हैं, जो कोरोनरी धमनी बाइपास ग्राफ्टिंग सर्जरी के बाद रोगियों को होने की आशंका रहती है।

कोरोनरी धमनी बाइपास ग्राफ्टिंग सर्जरी के बाद होने वाली परेशानियां-

  • बाइपास ग्राफ्टिंग सर्जरी के बाद कुछ रोगियों को भूख लगनी कम हो सकती है,
  • छाती में, दर्द और जलन की समस्या, इस सर्जरी के बाद बेहद आम है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सर्जरी के स्थान के आस-पास भीतरी तरफ (फेफड़ों, हृदय की सुरक्षात्मक थैली) में सूजन आ जाती है,
  • कभी-कभी कुछ रोगियों में, छाती में भीतर की तरफ तरल भी बन जाता है और इसका उपचार किया जाता है,
  • कभी-कभी तंत्रिका क्षति, जैसी समस्या भी देखने को मिलती है,
  • श्वास की समस्या, भी रोगी को हो सकती है,
  • दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है,
  • कुछ रोगी बाइपास ग्राफ्टिंग सर्जरी के बाद याददाश्त कमजोर होने की शिकायत भी करते हैं, लेकिन जो व्यक्ति, सर्जरी से पहले से ही स्वस्थ जीवन-शैली अपनाते आ रहें हों उन्हें इस तरह की समस्या ज्यादातर नहीं झेलनी पड़ती।
  • इसके अलावा, जो रोगी पहले से ही स्वास्थ्य के मामले में कमजोर हों, उन्हें इस सर्जरी से फेफड़ों के रोग, गुर्दों के रोग, या मधुमेह होनी की आशंका भी बनी रहती है।
  • सर्जरी के बाद, सर्जरी वाली जगह भी संक्रमण और रक्त का रिसाव हो सकता है,
  • सर्जरी के दौरान, जो एनेस्थेसिया दिया जाता है, उसका रिएक्शन भी हो सकता है,
  • कुछ मरीजों को इस सर्जरी के बाद बुखार भी हो जाता है।

यह परेशानियां, कोरोनरी धमनी बाइपास ग्राफ्टिंग के बाद बेहद आम है। कभी-कभी कुछ मामले ऐसे भी होते हैं, जब सर्जरी के बाद रोगी को हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी समस्याएं भी अचानक से आ जाती हैं। यहाँ तक कि रोगी की मृत्यु भी हो सकती है। लेकिन इसकी सम्भावना बहुत कम होती है। यदि किसी रोगी की स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब है, तब ऑपरेशन थोड़ा ज्यादा जोखिम भरा होता है।



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