स्पर्म की सेहत के लिए फायदेमंद खाद्य-पदार्थ

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4th April, 2016

Shukranuon ki Sankhya ko Badhawa Dene Mein Madaddgar Foods | शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ावा देने में मददगार फूड्स | Foods To Boost Sperm Count पुरुषों में यौन कमजोरी न सिर्फ उसे मानसिक रूप से कमजोर बना देती है, बल्कि इससे पति-पत्नी के बीच यौन संबंधों पर भी असर पड़ता है। लेकिन इससे भी बड़ी बात कि यदि दंपति, बच्चे की योजना बना रहे हों तो उनके लिए यह समस्या बहुत बड़ी हो सकती है। वैसे तो, आजकल चिकित्सा जगत में इस तरह की समस्याओं का इलाज है। लेकिन यदि बिना किसी महंगे उपचार के इसका हल निकल जाए तो भला इससे अच्छी बात क्या होगी।

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आम तौर पर, कुछ व्यक्तियों में महज उनकी जीवन-शैली, खान-पान या कुछ अन्य गलत आदतों की वजह से यौन कमजोरी हो सकती है। ऐसे में, यदि वह महंगे उपचारों की नौबत आने से पहले ही इस और ध्यान दे तो शायद उसे किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

स्वस्थ यौन शक्ति से संबंधित कुछ स्वस्थ आहार

पौष्टिक आहार- इसमें कोई संदेह नहीं है कि स्वास्थ्य के लिए, पौष्टिक आहार बहुत जरूरी होता है। लेकिन आपके इसी स्वस्थ आहार और स्वास्थ्य से आपकी यौन शक्ति भी प्रभावित होती है। अपनी यौन शक्ति को बनाए रखने के लिए पुरुषों को नियमित तौर पर, मौसमी फल, पत्तेदार सब्जियां, दूध, घी, सूखे मेवे, मछली, पनीर, सोयाबीन, मशरूम, चोकरयुक्त आटा, चावल, फलों का रस, साबुत अनाज और दालें, अंकुरित खाद्य पदार्थ आदि को शामिल करना चाहिए।

हेल्दी स्पर्म के लिए कुछ जरूरी विटामिन्स

विटामिन

विटामिन ए- विटामिन ए की कमी के कारण शुक्राणुओं की संख्या और प्रजनन क्षमता में कमी आ जाती है। ऐसे में विटामिन ए की कमी को दूर करने के लिए लाल मिर्च, जई, गाजर, मीठे आलू, पालक और ब्रोकोली का प्रयोग कर शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि की जा सकती है।

विटामिन सी-  विटामिन सी की मात्रा स्ट्रॉबेरी, संतरा, आंवला और पीले रंग की सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। ऐसे में विटामिन सी के सेवन से शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इसके अलावा विटामिन सी, ई और बी 12 भी एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो हानिकारक कणों से लड़ने और शुक्राणुओं के उत्पादन में मदद करता है।
यदि किसी व्यक्ति में, नियमित आहार से विटामिन की पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पा रही हो, तो ऐसे में व्यक्ति शुक्राणुओं के उत्पादन के लिए मल्टीविटामिन पूरक का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

हेल्दी स्पर्म के लिए जरूरी खनिज

खनिज

किसी व्यक्ति में, जिंक की अपर्याप्त मात्रा शुक्राणुओं की संख्या को कम कर सकती है। ऐसे में, खनिज के प्राकृतिक स्रोत अंडे, समुद्री भोजन, कद्दू के बीज, मांस, जई, दही, बादाम और जौ हैं, जिसके जरिए ज़िंक की कमी को पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा सेलेनियम भी शुक्राणु की गतिशीलता और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति को खाद्य पदार्थ के जरिए, पर्याप्त मात्रा में जस्ता या सेलेनियम की पूर्ति नहीं हो पा रही हो तो ऐसे में मल्टीविटामिन का प्रयोग किया जा सकता है। लेकिन किसी भी दवा का प्रयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

वसायुक्त अम्ल (फैटी एसिड)

अध्ययनों के जरिए यह बात सामने आई है कि फर्टाइल (पुंसक) पुरुषों के शुक्राणुओं  में पॉलीअनसेचुरेटेड वसा, ओमेगा -3 और ओमेगा -6 फैटी एसिड की मात्रा अनफर्टाइल (नंपुसक) पुरुषों की तुलना में अधिक पाई जाती है। ऐसे व्यक्ति फैटी एसिड मुख्य रूप से अखरोट, चिया बीज, कालमारी तेल और मछली (सार्डिन और सामन) से भरपूर मात्रा में प्राप्त कर सकते हैं।

पानी  

पानी शरीर से अन-उपयुक्त पदार्थो को बड़ी आसानी से बाहर निकलने वाला पेय पदार्थ माना जाता है। साथ ही शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि के लिए लगातार पानी पीना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।

लाइकोपीन

लाइकोपीन, शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि के लिए सबसे अहम माना गया है। लाइकोपीन मुख्य रूप से टमाटर, गाजर, तरबूज में पाया जाता है।

बहुत से ऐसे विटामिन हैं, जिनको अपने आहार में शामिल कर शुक्राणुओं के स्तर में होने वाली समस्या से निजात पा सकते हैं। तो ऐसे में शुक्राणुओं के स्तर में वृद्धि के लिए इन विटामिन को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।



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