क्या होता है मोतियाबिंद?

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21st November, 2015

Motiyabind ke Lakshan Kya hain? | मोतियाबिंद के लक्षण क्या हैं? | What are the Symptoms of Glaucoma?अक्सर 55  साल से ज्यादा उम्र के लोगों में मोतियाबिंद, बीमारी का होना बेहद आम बात  है। मोतियाबिंद आंखों की एक ऐसी बीमारी है, जिसमें आंखों में मौजूद प्राकृतिक लैंस धुंधला हो जाता है, और उस पर एक सफ़ेद रंग की परत चढ़ जाती है। मोतियाबिंद से ग्रस्त व्यक्ति को देखने में कठिनाई होती है। उसे अस्पष्ट दिखाई देता है।

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वहीं यदि मोतियाबिंद पूरी तरह से पक जाए, तो व्यक्ति को दिखना पूरी तरह से बंद हो जाता है। इस बीमारी के लक्षण कुछ इस तरह से सामने आते हैं।

मोतियाबिंद के लक्षण

  • उम्र बढ़ने के साथ दृष्टि कमजोर होना।
  • वस्‍तु धुंधली, टेढ़ी-मेढ़ी, पीली और अस्‍पष्‍ट दिखाई देना।
  • रात में अथवा कम रोशनी में, कम दिखाई देना। रात में रंग धुधलें दिखाई देना या रात की दृष्टि कमजोर होना।
  • धूप या तेज रोशनी में देखने में कठिनाई।
  • चमकदार रोशनी के चारों ओर कुण्‍डल सा दिखाई देना।
  • मोतियाबिंद के तहत आँखों में खुजली, आंसू आना या सिर दर्द जैसी समस्या नहीं होती है।

क्यों होता है मोतियाबिंद?

यह रोग मुख्यतः 50 से अधिक आयु वाले लोगों में देखने को मिलता है। इसका प्रमुख कारण अन्य रोग, आनुवांशिकी, बुढ़ापा, या आँखों की चोट होता है। वे लोग जो सिगरेट के धुएँ, पराबैंगनी विकिरण (सूर्य के प्रकाश), या कुछ दवाइयों के सम्पर्क मे रहते हैं, उन्हें भी मोतियाबिंद होने का खतरा होता है। मुक्त कण (Free Radicals) और ऑक्सीकरण एजेंट्स भी मोतियाबिंद  होने का एक कारण हो सकता है।

उपचार:-

यह ध्यान रखना आवश्यक है कि मोतियाबिंद का उपचार  केवल सर्जरी है। ऑप्रेशन से पूर्व अगर व्यक्ति का दृष्टिपटल यानी रैटिना ठीक है तो सफल सर्जरी के बाद नेत्र ज्योति सामान्य हो जाती है। आजकल आधुनिक मशीनों द्वारा सर्जरी करना, बहुत आसान हो गया है। पहले की तरह अब सर्जरी के बाद टांके नहीं लगाए जाते। इतना ही नहीं, ऑप्रेशन के बाद अस्पताल में भी एक ही दिन भर्ती रहना पड़ता है।

मोतियाबिंद का ऑप्रेशन लेजर किरणों से भी किया जाता है। ऑप्रेशन के वक्त कोशिश की जाती है कि मरीज को ऐसा लैंस लगाया जाए जिससे मरीज की दूर की दृष्टि अच्छी रहे। नजदीक की दृष्टि के लिए वह चश्मा लगा सकता है लेकिन इस बात की आशंका भी होती है कि ऑप्रेशन के बाद भी दिखाई कम देने लगे।

यदि किसी भी व्यक्ति को मोतियाबिंद या उसके लक्षण मौजूद हैं तो उन्हें डॉक्टर से तुरंत बात करनी चाहिए ताकि समय रहते इसका इलाज़ किया जा सके, क्योंकि मोतियाबिंद का ज्यादा दिन तक आँखों में रहना आपके आँखों के लिए खतरनाक हो सकता है। यदि मोतियाबिंद से पीड़ित लोगों का इलाज़ समय रहते ना किया जाए तो ऐसे में आँखों की रौशनी हमेशा के लिए चली जाती है।

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