दमा (अस्थमा) क्या है?

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3rd February, 2016

Asthma Kaise Panapta hai? | How does Asthma Develop? | अस्थमा कैसे पनपता है?अस्थमा आज चिर-परिचित बिमारी बन चुकी है। इससे हर आयु वर्ग के व्यक्ति यहाँ तक कि बच्चे भी शिकार हो रहें हैं। दूषित वातावरण, बासी, और प्रदूषित खान-पान, प्रदूषण खान-पान में मिलावट अस्थमा के ऐसे कारण हैं जिन्हें व्यक्ति न चाहते हुए भी अपने रोज-मर्रा के जीवन में ग्रहण करता रहता है।

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अस्थमा जिसे आम बोलचाल की भाषा में दमा कहा जाता है। दमा किसी व्यक्ति के शरीर में तब पनपता है, जब उस व्यक्ति की साँस की नालियों में दमा का कोई भी कारक प्रवेश कर जाता है। जिसकी शुरुआत खांसी और साँस लेने में तकलीफ से होती है, लेकिन शुरुआत में व्यक्ति इसे सामान्य समस्याएं समझकर नजरअंदाज कर देता है। लेकिन यही लापरवाही धीरे-धीरे दमा के रूप में सामने आती है।

कैसे पनपता है दमा?

जब प्रदूषित कण, नाक से साँस के द्वारा सांस नली से होते हुए फेंफड़ों में पहुंचतें हैं, तो ताज़ी हवा लेकर दूषित हवा को बाहर छोड़ने वाले फेंफड़ों के सूक्ष्म तंतुओं में यह कण पहुंच जातें हैं, और वहां के स्थान को बीमार बनाना शुरू कर देते हैं, इस से शरीर में वायु का आदान-प्रदान करने वाली नलिकाओं की भीतरी दीवार में सूजन आ जाती है।

सूजन के कारण नलिकाएं बेहद संवेदनशील और हो जाती हैं और इसके दुष्प्रभाव दमे के रूप में व्यक्ति को दिखने शुरू हो जातें हैं।

इसके लक्षण, खांसी, नाक बहना, सीने में जकड़न, रात और सुबह को सांस लेने में तकलीफ के रूप में सामने आतें हैं। अस्थमा जब घातक स्थिति में पहुंच जाता है, तो व्यक्ति की सांस में तकलीफ के साथ-साथ, साँस रुकना भी शुरू हो जाता है और इस से व्यक्ति को दौरे शुरू हो जाते हैं।



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