सोरायसिस की समस्या में कौन सा शैम्पू रहता है बेहतर?

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19th May, 2017

Psoriasis ke liye shampoo | सोरायसिस के लिये शैम्पू | Shampoo for the Psoriasisशैम्पू आम तौर पर, बालों को ध्यान में रख कर बनाये जाते हैं; लेकिन वह शैम्पू बालों की त्वचा को रूख बना देते हैं। शैम्पू बालों से धूल और मिट्टी निकालने के साथ-साथ उसकी नमी भी धो देते हैं और इससे त्वचा में खुश्की आ जाती है। जिन व्यक्तियों को सोरायसिस की समस्या हो उनके लिए आम शैम्पू का प्रयोग उनकी समस्या को और बढ़ा सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सोरायसिस की समस्या वाले व्यक्तियों के लिए अलग से शैम्पू तैयार किये जाते हैं, जिन्हें अक्सर डॉक्टर के द्वारा बताया जाता है।

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डॉक्टरी सलाह के बिना भी कुछ शैम्पू हैं, जिन्हें सोरायसिस की समस्या में प्रयोग किया जा सकता है, क्योंकि यह बालों को ध्यान में रख कर नहीं, बल्कि त्वचा को ध्यान में रख कर बनाये जाते हैं। यह शैम्पू सोरयासिस की समस्या वाले व्यक्तियों को लाली, सूजन और खुजली में राहत देते हैं।

जो शैम्पू सोरायसिस की समस्या को ध्यान में रख कर बनाएं जाते हैं, उनमें वही सामग्रियां डाली जाती हैं, जिन्हें सोरायसिस के उपचार के लिए प्रयोग की जाने वाली दवाओं और लोशन में प्रयोग किया जाता है। इन शैम्पू का प्रयोग मद्धम से औसत दोनों ही प्रकार के सोरायसिस में किया जा सकता है। इस प्रकार के शैम्पुओं में, कोयला टार और सैलिसिलिक एसिड दो तत्व आम तौर पर, मौजूद होते हैं।

इन शैम्पुओं का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को एक बात और ध्यान में रखनी चाहिए कि इनका प्रयोग लगातार और लंबे समय तक नहीं करना चाहिए। साथ ही, इनका ज्यादा मात्रा में प्रयोग और सख्ती से त्वचा पर मलना भी उचित नहीं होता। बेहद हलके हाथों से शैम्पू करना चाहिए, नहीं तो इनसे परेशानी भी हो सकती है।

इसके अलावा, किसी भी शैम्पू का प्रयोग करने से पहले या अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बात जरुर कर लेनी चाहिए।

कोयला टार शैंपू

सोरायसिस की समस्या में, कोयला टार राहत देता है। इसलिए इसका प्रयोग सोरायसिस के लिए बनने वाली दवाओं, लोशन, तेल और शैम्पू में किया जाता है। कोयला टार का प्रयोग बहुत लंबे समय से सोरायसिस की समस्या में किया जाता रहा है। यह त्वचा पर जमने वाली पपड़ी, त्वचा पर चढ़ी परतों के कारण उसका मोटा हो जाना जैसी समस्याओं को नियंत्रित करता है और त्वचा की कोशिकाओं की तेजी से बढ़ोत्तरी को कम कर देता है। साथ ही यह खुजली में भी राहत देता है और सोरायसिस से राहत में मदद करता है।

कैसे करें प्रयोग?

थोड़ा सा शैम्पू हथेली पर लें या मग में पानी लेकर उसमें घोल लें। इससे हल्के-हल्के मालिश करें और फिर पांच से 10 मिनट के लिए छोड़ कर फिर बालों को धो लें। इस शैम्पू का प्रयोग कर रहें हों तो एक बात का ख्याल रखें कि कोयला टार, का प्रयोग कर तेज धूप में न निकलें क्योंकि इससे परेशानी हो सकती है। धूप का सीधा असर तो त्वचा के लिए और भी नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए बाहर धूप में जाने से बचें और जाना पड़े तो सिर को अच्छे से ढ़क कर ही धूप में जाएं।

वहीं कुछ व्यक्तियों को कोयला टार शैम्पू से आने वाली गंध अच्छी नहीं लगती, इसके लिए आप शैम्पू के बाद, कंडीशन का प्रयोग कर सकते हैं। इससे न सिर्फ शैम्पू की गंध हल्की हो जाएगी, बल्कि बाल मुलायम भी रहेंगे।



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