सोरायसिस क्या है?

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31st May, 2017

Psoriasis kaise hota hai? | सोरायसिस कैसे होता है? | How Psoriasis occur? सोरायसिस त्वचा पर पनपने वाली एक ऐसी बिमारी है, जिसका इलाज अभी तक चिकित्सा जगत में उपलब्ध नहीं है। हाँ जरूरी देखभाल और दवाओं से इसे बढ़ने से रोक जा सकता है और इससे होने वाली समस्याओं से राहत पाई जा सकती है। लेकिन इससे हमेशा के लिए निजात नहीं पाई जा सकती। यानी यह एक क्रोनिक स्किन कंडीशन (पुरानी त्वचीय बिमारी) होती है।

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सोरायसिस एक स्व-प्रतिरक्षी बिमारी है जो अति सक्रीय अति प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण होती है। जिसमें व्यक्ति की खुद की रोग प्रति रोधक क्षमता उसकी स्वस्थ त्वचा कोशिकाओं पर आक्रमण करना शुरू कर देती हैं। यह बिमारी वैसे तो शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है, लेकिन यह ज्यादातर घुटनों, कोहनी, सिर की त्वचा, धड़, हथेली और पैर के तलवों में होती है। यह कमर पर भी हो सकती है।

रोगी की त्वचा किसी एक स्थान से फटने लगती है और उस जगह पर लाली, सूजन, सफेद, लाल या सिल्वर के रंग के चकते बन जाते हैं। सोरायसिस कब और किसे हो जाए यह कहा नहीं जा सकता और इसीलिए इसे अप्रत्याशित बिमारी भी कहा जाता है। यह बिमारी निरंतर रोगी की त्वचा पर बनी रहती है और रोगी को बहुत परेशान करती है।

इस बिमारी में रोगी की त्वचा की कोशिकाएं एक ही स्थान पर सामान्य से दौगुनी तेजी से बढ़ जाती हैं। जैसे ही नीचे वाली त्वचा की परत ऊपर पहुँच जाती है, यह मृत त्वचा में बदल जाती है। इसकी वजह से उस स्थान पर लाल या सिल्वर जैसे रंग के चकते दिखने लगते हैं।

सोरायसिस की समस्या ज्यादातर, घुटनों, कोहनी, सिर की त्वचा, धड़, हथेली और पैर के तलवों में होती है। यदि सोरायसिस की सही पहचान, यानी लक्षणों की बात की जाए तो यह अलग-अलग व्यक्तियों में अलग-अलग तरह से नजर आ सकते हैं। साथ ही सोरायसिस किस प्रकार का है इसके अनुसार भी लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।

सोरायसिस निम्न 5 प्रकार का होता है

  1. प्लाक (plaque) 
  2. गटेट (Guttate)
  3. इनवर्स (Inverse)
  4. पस्ट्युलर (Pustular)
  5. एरीथ्रोडर्मिक (Erythromyc)

इन पांचों प्रकार के सोरायसिस के लक्षण और इनसे होने वाली परेशानियां अलग-अलग प्रकार की होती हैं।



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