35 के बाद प्रेगनेंसी की प्लैनिंग? डोंट वरी

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16th May, 2017

Kya 35 ke Baad Bachha Jokhimbhara hai? | क्या 35 के बाद बच्चा जोख़िम भरा है? | Is It risky to have a Baby after 35?भारत एक ऐसा देश है, जहाँ 35 के बाद,  महिला का प्रेग्नेंट होना थोड़ा सा रिस्की माना जाता है। हालाँकि यह बात सच है कि उम्र और प्रजनन क्षमता का संबंध होता है लेकिन आपकी प्रजनन की उम्र के साथ-साथ एक और बात महत्व रखती है कि जब आप गर्भधारण कर रही हैं, तो आपका स्वास्थ्य कैसा है? अब सवाल यह उठता है कि इस बात में कितनी सच्चाई है कि 35 और इससे ज्यादा की उम्र में प्रेगनेंसी सुरक्षित है या नहीं?  इसमें सिर्फ इतनी सी सच्चाई है कि यदि आप इस उम्र में, सेहतमंद नहीं हैं, तो आपके लिए प्रेग्नेंट होना रिस्की हो सकता है, लेकिन यदि आप पूरी तरह से  ‘फिट एन्ड फाइन’ हैं  तो घबराने की जरूत नहीं है। आप बस अपना हेल्थ चेक-अप कराइये और बेबी की प्लैनिंग शुरू कर दीजिये।

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यह कहना कोई नई बात नहीं होगी कि आपको प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनों में, अपना ख़ास ख्याल रखना है। साथ ही यह नसीहत सिर्फ आपके लिए नहीं है, बल्कि यह हिदायत हर उस महिला को दी जाती है, जो प्रेगनेंसी (गर्भधारण) की तैयारी कर रही है, फिर चाहे उसकी उम्र जो भी हो।  

इसमें कोई संदेह नहीं है, कि 35 की उम्र में, आप अपनी 25 की उम्र से कहीं ज्यादा मैच्योर हैं। अपना  ख्याल पहले से ज्यादा अच्छे से रख सकती हैं। जाहिर सी बात है कि जब आप प्रेगनेंसी की तैयारी करती हैं, तो प्रेगनेंसी के दौरान, आपको किस-किस परेशानी से रूबरू होना पड़ेगा यह आपको पहले ही जान लेना जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर, जेस्टेशनल डायबिटीज, प्लेसेंटा प्रेविया, प्रीक्लेम्पसिया और प्रीमैच्योर बर्थ (समय से पूर्व शिशु का जन्म), यह सभी प्रोब्लेम्स हैं, जो प्रेगनेंसी के दौरान होती हैं। जब आप पहले से ही इनके लिए तैयार रहती हैं और हेल्दी रूटीन के साथ-साथ डॉक्टर के साथ भी जुड़ी रहती हैं, तो आप इन परेशानियों को आराम से हैंडल कर सकती हैं।  

जिन महिलाओं को पहले एक्टोपिक प्रेगनेंसी (अस्थानिक गर्भावस्था), हो चुकी हो (एम्ब्रोय या भ्रूण का यूटरस या गर्भाशय में बनने के बजाय फेलोपियन ट्यूब में बन जाना) उन महिलाओं को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। हालाँकि इस समस्या का संबंध भी महिला की उम्र से नहीं होता, क्योंकि इस तरह की प्रेगनेंसी में हर उम्र की महिला को अलर्ट रहने की जरूरत होती है।  

हालांकि, ऐसा माना जाता है कि 35 के बाद डिलीवरी में, मृत बच्चें या जन्म के तुरंत बाद, बच्चें की मौत होने की संभावना ज्यादा होती है, लेकिन इस तरह के मामले भी कम ही देखे गए हैं। इस तरह के मामले में उन महिलाओं को थोड़ा ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है, जिनकी उम्र 40 या इससे ज्यादा हो।

35 के बाद उन महिलाओं को, जिनकी उम्र 40 हो ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। खास तौर पर, वह महिलाएं, जिनमें जेनेटिक या क्रोमोजोमल डिफेक्ट्स (डाउन सिंड्रोम) हो उनके लिए ख़तरा थोड़ा बढ़ जाता है।

इन सभी बातों में, एक बात सबसे महत्वपूर्ण है कि भले ही आप 25 की हों, 35 की या 40 की, जब आप डॉक्टर के पास जाती हैं, डॉक्टर से अपनी प्रेगनेंसी को लेकर बात करती हैं, तो आपकी डॉक्टर आपको क्या सलाह देती हैं। डॉक्टर आपकी सेहत के हिसाब से आपको गाइड करेगी। यदि डॉक्टर को लगता है कि आपका स्वास्थ्य आपको प्रेगनेंसी की इजाजत देता है, तो आप निसंदेह इसकी तैयारी कर सकती हैं।

साथ ही, आपकी डॉक्टर को इस बात से भी पूरी तरह से परिचित होंगी कि आपकी उम्र के अनुसार आपको क्या-क्या परेशानी हो सकती हैं और वह इसी के अनुसार आपकी सेहत पर नजर रखेंगी और आपको वही लाइफ स्टाइल अपनाने की सलाह देंगी जो आपके लिए सही हो। बस आप अपनी डॉक्टर के द्वारा बताए गए नियमों का पालन करती रहें।  

साथ ही एक बात का और ख्याल रखें कि आपका हेल्दी लाइफस्टाइल आपकी प्रेगनेंसी को और हेल्दी और आसान बना सकता है। इसके लिए स्वस्थ आहार लें, रोजाना एक्सरसाइज करें, धूम्रपान बिलकुल भी न करें और शराब को तो हाथ भी न लगाए, इस तरह आप एक हेल्थी बेबी को जन्म दे सकती हैं।



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